बीबीएन,बीकानेर। सड़क हादसे में कोमा में पहुंचे दियातरा निवासी हरिप्रसाद मेघवाल को लंबे इलाज के बाद जीवनदान मिल गया। जीने की उम्मीद छोड़ चुकी मां के लिए यह पल किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। वह बार-बार न्यूरो सर्जन डॉ. कृष्णवीर और पूर्व पार्षद मनोज बिश्नोई का धन्यवाद देती नहीं थक रही हैं, जिनकी मदद से उनका बेटा आज स्वस्थ होकर घर लौट आया है।
हरिप्रसाद पिछले आठ महीनों से कोमा में था और परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। इसी बीच नवंबर में हरिप्रसाद की मां ने पूर्व पार्षद मनोज बिश्नोई से कम खर्च में इलाज कराने की गुहार लगाई। बिश्नोई ने स्थिति समझते हुए डॉ. कृष्णवीर से सहायता का अनुरोध किया, जिस पर उन्होंने परिवार की हालत देखते हुए पूरा इलाज नि:शुल्क करने का निर्णय लिया।
डॉ. कृष्णवीर ने न केवल ऑपरेशन व उपचार का शुल्क माफ किया, बल्कि आईसीयू, वेंटिलेटर और दवाओं का खर्च भी नहीं लिया। लगभग 1 माह 8 दिन तक निरंतर देखभाल के बाद हरिप्रसाद को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टर के इस मानवीय निर्णय से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। पूर्व पार्षद मनोज बिश्नोई ने कहा कि डॉ. कृष्णवीर ने जो वादा किया, उसे दिल से निभाया। उनके अनुसार, गरीब परिवार की मदद कर डॉक्टर ने समाज के सामने एक प्रेरक उदाहरण रखा है। परिवार ने डॉक्टर को “भगवान का स्वरूप” बताकर भावुकता से आभार जताया।
—


