नरेन्द्र आर्य | बीबीएन, बीकानेर। आज सुबह 6 बजे ब्यास नदी पर स्थित महाराणा प्रताप सागर यानी पौंग बांध का जलस्तर 1,329.86 फीट दर्ज किया गया। बांध में 37,172 क्यूसेक पानी पहुंच रहा था, जबकि 10,007 क्यूसेक पानी बाहर छोड़ा जा रहा था। आंकड़े बताते हैं कि बांध में आने वाले पानी की तुलना में निकासी को नियंत्रित स्तर पर रखा गया।
सतलुज पर भाखड़ा बांध में सबसे अधिक जल आवक
सतलुज नदी पर बने भाखड़ा बांध में सुबह 6 बजे 40,363 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई। बांध का जलस्तर 1,592.91 फीट रहा। इस दौरान 26,132 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रोपड़ डाउनस्ट्रीम में 713 क्यूसेक जल प्रवाह दर्ज किया गया।
रावी नदी के थीन बांध में भी तेज आवक
रावी नदी पर स्थित रणजीत सागर बांध, जिसे थीन बांध के नाम से भी जाना जाता है, में सुबह 6 बजे 27,588 क्यूसेक पानी पहुंचा। बांध का जलस्तर 507.62 मीटर यानी 1,665.41 फीट दर्ज किया गया। बांध से 10,769 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसी अवधि में रावी से ब्यास की ओर औसत जल मोड़ 7,874 क्यूसेक दर्ज किया गया। यह जल प्रवाह क्षेत्रीय जल प्रबंधन व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हरिके हेडवर्क्स से राजस्थान और फिरोजपुर फीडर को पानी
26 जुलाई की सुबह हरिके हेडवर्क्स का जलस्तर 690.90 फीट दर्ज किया गया। यहां अपस्ट्रीम प्रवाह 24,433 क्यूसेक रहा। हरिके से 11,010 क्यूसेक पानी फिरोजपुर फीडर और 12,045 क्यूसेक राजस्थान फीडर में छोड़ा गया। इसके अलावा माखू नहर में 272 क्यूसेक पानी गया, जबकि डाउनस्ट्रीम प्रवाह 1,106 क्यूसेक दर्ज किया गया।
इस तरह 26 जुलाई की सुबह दर्ज आंकड़े पंजाब की प्रमुख नदियों और बांधों में जारी मजबूत जल आवक तथा हरिके हेडवर्क्स से विभिन्न नहर प्रणालियों के जरिए हो रहे नियंत्रित जल वितरण की तस्वीर पेश करते हैं।




