बीबीएन, नेटवर्क। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित वीरांगना सम्मान समारोह में राजस्थान के उन परिवारों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में देश की रक्षा के लिए अपने प्रियजनों का सर्वोच्च बलिदान देखा। राज्य सैनिक बोर्ड की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा सहित सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, वीर नारियां, वीर माताएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
यह आयोजन केवल कारगिल के रणबांकुरों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं था, बल्कि उन परिवारों के प्रति राष्ट्रीय कृतज्ञता व्यक्त करने का मंच भी बना, जिन्होंने शहादत के बाद भी साहस और धैर्य के साथ जीवन को आगे बढ़ाया।
शहादत के साथ परिवारों के त्याग को भी किया नमन
समारोह में कारगिल युद्ध के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सैनिक का बलिदान केवल रणभूमि तक सीमित नहीं रहता। उसके पीछे खड़ा परिवार भी त्याग, प्रतीक्षा और पीड़ा की कठिन यात्रा से गुजरता है।
सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने शहीद सैनिकों के साहस को नमन करते हुए कहा कि उनके परिवारों का धैर्य और संकल्प भी देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा, निःस्वार्थ सेवा और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
सेना ने दोहराई वीर परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता
समारोह के दौरान भारतीय सेना की ओर से यह संदेश भी दिया गया कि देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों का सम्मान और कल्याण उसकी प्राथमिक प्रतिबद्धताओं में शामिल है। वीर नारियों और वीर माताओं को सम्मानित कर उनके त्याग, साहस और राष्ट्र के प्रति योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शहीद परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनकी प्रेरणादायी जीवन यात्रा को देश की सामूहिक स्मृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
सैन्य धुनों और नाट्य प्रस्तुति ने जगाई कारगिल की स्मृतियां
समारोह में भारतीय सेना के ब्रास बैंड और पाइप बैंड ने सैन्य तथा देशभक्ति धुनों की प्रस्तुति दी। इन धुनों ने कार्यक्रम के वातावरण को गौरव और भावनाओं से भर दिया। इसके बाद विद्यार्थियों और स्थानीय कलाकारों ने कारगिल युद्ध की घटनाओं पर आधारित नाट्य प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में भारतीय सैनिकों के शौर्य, संघर्ष और विजयगाथा को मंच पर जीवंत किया गया। दर्शकों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से ऑपरेशन विजय के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और बलिदान को भावनात्मक रूप से महसूस किया।
शहीदों की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
समारोह का समापन कारगिल के अमर शहीदों की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और उनके परिवारों के त्याग को सदैव सम्मान देने के संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए दिया गया बलिदान केवल इतिहास का अध्याय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की जीवंत प्रेरणा है।




