बीबीएन,बीकानेर। बागवानी संस्थान, बीकानेर और KGS-NGO के संयुक्त तत्वावधान में कोलायत ब्लॉक के दियातरा गांव में विश्व मृदा दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 70–80 किसानों, महिलाओं, बच्चों, पंचायत प्रतिनिधियों और वैज्ञानिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने मिट्टी के स्वास्थ्य, पोषक तत्वों के प्रबंधन, आधुनिक तकनीकों और उच्च उत्पादन वाली बागवानी पद्धतियों पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. धुरेन्द्र सिंह ने कहा कि स्वस्थ मिट्टी से न केवल बेहतर उत्पादन होता है, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले फल और सब्ज़ियां भी प्राप्त होती हैं, जिसकी आज के बाजार में भारी मांग है। उन्होंने बताया कि मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
वहीं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शिव राम मीना ने “स्वस्थ शहर के लिए स्वस्थ मृदा” विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में वही उत्पाद टिकते हैं जिनकी गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती है और यह तभी संभव है जब मिट्टी पोषक तत्वों से भरपूर हो। उन्होंने किसानों को संस्थान से विकसित उन्नत तकनीकें अपनाने की सलाह दी।
संस्थान के वैज्ञानिक रूप चंद बलाई ने किसानों को मिट्टी परीक्षण की अनिवार्यता समझाते हुए नमूना लेने और जाँच प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संतुलित पोषक तत्व ही मिट्टी को लंबे समय तक उपजाऊ बनाए रखते हैं।
कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. मनप्रीत कौर ने बताया कि यदि किसान वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार जैविक खाद, उर्वरक और कीटनाशकों का उपयोग करें तो कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही टिकाऊ कृषि और समृद्ध किसान की नींव होती है।
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