बीबीएन, बीकानेर । प्रदेश में कानून-व्यवस्था को नए सिरे से धार देने की कवायद के बीच राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार देर रात 141 राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) अधिकारियों के तबादलों की लंबी सूची जारी कर दी। बीकानेर रेंज में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव किए गए हैं, जहां सीमावर्ती जिलों में कानून-व्यवस्था, नशा तस्करी और अपराध नियंत्रण को देखते हुए अधिकारियों की नई तैनाती को विशेष महत्व दिया जा रहा है। वहीं राजधानी जयपुर में एक साथ 9 पुलिस वृत्तों के एसीपी बदल दिए गए हैं, जिससे पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश को हाल के वर्षों का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है। सरकार और पुलिस मुख्यालय का मानना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को हटाकर नई जिम्मेदारियां देने से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अशोक नगर, झोटवाड़ा, बस्सी, बगरू, मानसरोवर, रामगंज, आदर्श नगर, सोडाला और शास्त्री नगर सर्किल में नए एसीपी लगाए गए हैं। इन नियुक्तियों को राजधानी की बदलती कानून-व्यवस्था और बढ़ते साइबर अपराधों की चुनौती से जोड़कर देखा जा रहा है।
बीकानेर रेंज के साथ-साथ श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और सीमावर्ती इलाकों में भी कई अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। रायसिंहनगर, श्रीगंगानगर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नए वृत्ताधिकारियों की नियुक्ति को सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। तबादला सूची में नागौर, जोधपुर, बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ़, अलवर, उदयपुर, भीलवाड़ा और झुंझुनूं सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों को शामिल किया गया है। कई अधिकारियों को साइबर क्राइम और विशेष शाखाओं से निकालकर फील्ड पोस्टिंग दी गई है, जबकि फील्ड में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सूची के अनुसार मदन लाल मीणा को मुंडवा, हनुमान सिंह राठौड़ को रायसिंहनगर, प्रदीप सिंह चारण को ओसियां, अनिल कुमार जोशी को बूंदी तथा आशीष कुमार भार्गव को शाहबाद का वृत्ताधिकारी बनाया गया है। वहीं रतन सिंह राजपुरोहित को जोधपुर यातायात-पश्चिम, लक्ष्मीनारायण सैनी को शाहपुरा, सत्यनारायण गोदारा को भवानीमंडी तथा विष्णु कुमार खत्री को श्रीगंगानगर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पुलिस महकमे में इस व्यापक फेरबदल को आगामी महीनों में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक कसावट की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए पदस्थापित अधिकारी जल्द ही कार्यभार संभालेंगे। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि यह प्रशासनिक सर्जरी जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाती है और अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर कितनी कारगर साबित होती है।



