बीबीएन, नेटवर्क। कुमाशपुर रोड स्थित श्री रजनीश ध्यान मंदिर में रविवार को आयोजित एक दिवसीय ध्यान साधना शिविर में करीब 150 साधकों ने भाग लेकर विभिन्न ध्यान प्रक्रियाओं के माध्यम से मानसिक संतुलन, आत्म-जागरूकता और आंतरिक ऊर्जा का अनुभव किया। प्रातः से लेकर अपराह्न तक चले इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में डायनेमिक मेडिटेशन, हार्ट मेडिटेशन, महामुद्रा ध्यान और कीर्तन ध्यान जैसे सत्र आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य तनावग्रस्त जीवनशैली के बीच साधकों को शांत और सजग जीवन की दिशा देना रहा।
दिन की शुरुआत सुबह 8 बजे डायनेमिक मेडिटेशन से हुई, जिसमें सक्रिय शारीरिक और श्वास अभ्यासों के जरिए प्रतिभागियों ने स्वयं को हल्का और तनावमुक्त महसूस किया। इसके बाद मध्याह्न से पूर्व आयोजित हार्ट मेडिटेशन सत्र में करुणा, प्रेम और भावनात्मक संतुलन पर केंद्रित ध्यान प्रक्रिया कराई गई, जिससे वातावरण में गहन शांति का अनुभव हुआ।
दोपहर के सत्र में महामुद्रा ध्यान के माध्यम से मौन और आत्म-अवलोकन की साधना कराई गई, जहाँ उपस्थित साधकों ने भीतर की स्थिरता को महसूस करने की बात कही। कार्यक्रम का समापन अपराह्न में कीर्तन ध्यान से हुआ, जिसमें संगीत, भक्ति और ध्यान के संयोजन ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
प्रतिभागियों ने ऐसे आयोजनों को वर्तमान समय की मानसिक चुनौतियों के बीच अत्यंत उपयोगी बताया। आयोजन से जुड़े सूत्रों के अनुसार भविष्य में भी इसी प्रकार के ध्यान शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोग ध्यान की पद्धतियों से लाभान्वित हो सकें।



