बीबीएन, बीकानेर | एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया के राजस्थान चैप्टर की 37वीं वार्षिक राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस राजएपिकॉन 2025 का आयोजन 20 और 21 दिसंबर को बीकानेर स्थित गणेशम रिसॉर्ट में किया जाएगा। इस दो दिवसीय वैज्ञानिक महासम्मेलन की मेजबानी बीकानेर एकेडमिक रिसर्च एंड वेलफेयर सोसाइटी तथा एसपी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है। सम्मेलन में आंतरिक चिकित्सा क्षेत्र में हो रही नवीन रिसर्च, आधुनिक जांच तकनीकों और उन्नत उपचार प्रोटोकॉल पर गहन विमर्श होगा।
सम्मेलन में देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त फिजिशियन भाग लेंगे, जिसमें 500 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति और 78 विशेषज्ञों के व्याख्यान प्रस्तावित हैं। कार्यक्रम के तहत सिम्पोजिया, पैनल डिस्कशन, वर्कशॉप्स, फ्री पेपर सेशंस और अवॉर्ड सेरेमनी आयोजित होंगी, जहां विशेषज्ञ अपने क्लिनिकल अनुभव और नवीन शोध निष्कर्ष साझा करेंगे। वैज्ञानिक सत्रों के दौरान हाइपरटेंशन, डायबिटीज, मोटापा और आधुनिक इंसुलिन थैरेपी जैसे विषयों पर विशेष व्याख्यान होंगे। हाइपरटेंशन प्रबंधन, इन्हेल्ड इंसुलिन और मोटापे की नई दवाइयों से जुड़े विषय सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
फ्री पेपर सेशंस में युवा चिकित्सक और शोधकर्ता अपनी नवीन रिसर्च प्रस्तुत करेंगे। इनमें डायबिटीज, हृदय रोग, संक्रामक रोग, ऑन्कोलॉजी और क्रिटिकल केयर से जुड़ी एडवांस्ड इमेजिंग, जेनेटिक टेस्टिंग, टारगेटेड थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी जैसी आधुनिक जांच व उपचार पद्धतियों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही वर्कशॉप्स में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के माध्यम से चिकित्सकों को नवीन तकनीकों से अपडेट किया जाएगा।
यह रहेगी आयोजन समिति
राजएपिकॉन 2025 के मुख्य संरक्षक एसपी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक सुरेंद्र कुमार होंगे। संरक्षक मंडल में वीर बहादुर सिंह और एल ए गौरी शामिल हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष बीके गुप्ता, उपाध्यक्ष विजय तुंदवाल, सचिव परमेंद्र सिरोही और कुलदीप सैनी होंगे। स्मारिका संपादक मनोज माली, कोषाध्यक्ष रोहिताश कुलरिया और साइंटिफिक चेयरमैन संजय कोचर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व एसपी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग द्वारा आयोजित राजएपिकॉन-2013 और RSSDI-2018 जैसे आयोजनों ने चिकित्सा जगत में विशिष्ट पहचान बनाई थी। उसी अकादमिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, इस वर्ष भी राजएपिकॉन 2025 को ज्ञान, नवाचार और वैज्ञानिक उत्कृष्टता का मंच बनाने की तैयारी की गई है।
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