बीबीएन,बीकानेर। पत्रकारों को भूखंड आवंटन में हो रही देरी, सीमित अवसर और प्रक्रिया की अस्पष्टता को लेकर विवाद गहरा गया है। जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (जार), बीकानेर इकाई ने जिला कलेक्टर एवं बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) के चेयरमैन निशांत जैन को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट नीति, पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध आवंटन की मांग उठाई है। साथ ही “क्राउन पार्क” को पुनः पत्रकारों को सौंपने का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा गया।
केवल दो बार हुआ आवंटन, कई पत्रकार अब भी वंचित
ज्ञापन में बताया गया कि बीकानेर में अब तक सिर्फ दो बार ही पत्रकारों को भूखंड आवंटित किए गए हैं। वर्तमान में बड़ी संख्या में पात्र और सक्रिय पत्रकार इस सुविधा से वंचित हैं। संगठन ने इसे प्रशासनिक असंतुलन और उपेक्षा का संकेत बताया।
आरक्षित भूमि की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग
पत्रकारों ने बीडीए द्वारा विकसित कॉलोनियों में पत्रकारों के लिए आरक्षित भूखंडों का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। इसमें यह भी शामिल है कि किन कॉलोनियों में कितने प्लॉट आरक्षित किए गए और उनमें से कितनों का वास्तविक आवंटन हुआ। संगठन का कहना है कि इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
लॉटरी तक सीमित आरक्षण पर उठे सवाल
कलेक्टर निशांत जैन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान व्यवस्था में आरक्षण केवल लॉटरी प्रक्रिया तक ही लागू रहता है। इस पर पत्रकारों ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजकर स्थायी और स्पष्ट नीति बनाने की मांग रखी। कलेक्टर ने इस दिशा में सकारात्मक प्रयास का आश्वासन दिया।
विशेष शिविर आयोजित करने का सुझाव
अनुराग हर्ष के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाने के लिए जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय के माध्यम से विशेष शिविर आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। इस शिविर में पत्रकारों के दस्तावेजों की जांच कर पात्रता के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई।
क्राउन पार्क को लेकर भी उठा विवाद
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि पब्लिक पार्क क्षेत्र में पत्रकारों को पूर्व में आवंटित “क्राउन पार्क” को बाद में एक निजी संस्था को सौंप दिया गया। संगठन ने इसे अनुचित बताते हुए पार्क को पुनः पत्रकारों को देने की मांग की। कलेक्टर ने इस मामले की जांच कराने का भरोसा दिलाया।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में अनुराग हर्ष, राजेश ओझा, आनंद आचार्य, बृज मोहन रामावत, विनय थानवी, मनोज व्यास, श्याम नारायण रंगा, योगेश खत्री, कुलदीप चारण और शिवराज पंचारिया सहित अन्य पत्रकार शामिल रहे।



