⭕ ड्रोन हमलों की आशंका से 30 से अधिक एंटी-ड्रोन यूनिट तैनात
बीबीएन, नेटवर्क | भारत की उन्नत ड्रोन क्षमताओं और हालिया सटीक सैन्य कार्रवाइयों से उत्पन्न रणनीतिक दबाव के बीच पाकिस्तान ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के समीप बड़े स्तर पर एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात करना शुरू कर दिया है। खुफिया सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारियों के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलाकोट, कोटली और भींबर सेक्टरों में काउंटर-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (C-UAS) की नई श्रृंखला लगाई गई है।
जानकारी के मुताबिक यह कदम संभावित ऑपरेशन 2.0 की आशंका को देखते हुए उठाया गया है। पाकिस्तान की सेना ने LoC के अलग-अलग संवेदनशील बिंदुओं पर 30 से अधिक विशेष एंटी-ड्रोन यूनिट्स को सक्रिय किया है, जिससे उसकी एयरस्पेस निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताओं को मजबूती मिल सके।
कहां-कहां हुई तैनाती
रावलाकोट सेक्टर:
भारतीय पूंछ क्षेत्र के सामने तैनात 2nd कश्मीर ब्रिगेड (PoK) के अंतर्गत नई यूनिट्स।
कोटली सेक्टर:
राजौरी, नौशेरा, सुंदरबनी और पूंछ से सटे इलाकों में 3rd कश्मीर ब्रिगेड की सक्रियता बढ़ी।
भींबर सेक्टर:
7th कश्मीर ब्रिगेड (PoK) को एंटी-ड्रोन जिम्मेदारी सौंपी गई।
इन सभी तैनातियों का संचालन मुर्री स्थित 12वीं और कोटली-भींबर एक्सिस को नियंत्रित करने वाली 23वीं इन्फैंट्री डिवीजन के तहत किया जा रहा है।
‘सॉफ्ट किल’ और ‘हार्ड किल’ पर फोकस
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने ड्रोन खतरों से निपटने के लिए सॉफ्ट किल (जैमिंग, स्पूफिंग) और हार्ड किल (फिजिकल इंटरसेप्शन), दोनों क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर दिया है। यह रणनीति इस बात का संकेत है कि भारतीय ड्रोन टेक्नोलॉजी ने पारंपरिक एयर डिफेंस सोच को चुनौती दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के घटनाक्रमों ने पाकिस्तान की सुरक्षा धारणा को गहराई से प्रभावित किया है। सार्वजनिक बयानों में भले ही हालात को सामान्य बताया जा रहा हो, लेकिन ज़मीनी स्तर पर की जा रही यह तेज़ सैन्य तैयारी भीतर की असुरक्षा को उजागर करती है।





