बीबीएन, नेटवर्क। राजधानी जयपुर में उस समय अफरातफरी मच गई जब एक के बाद एक कई संवेदनशील सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। सबसे पहले विधानसभा के आधिकारिक ई-मेल पर आए संदेश में तीन घंटे के भीतर पूरे भवन को RDX से उड़ाने की चेतावनी दी गई। इसके बाद जयपुर जिला सेशन कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट को भी इसी प्रकार के धमकी भरे मेल प्राप्त हुए। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी परिसरों को खाली कराया, सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा और पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया।
विधानसभा में मचा हड़कंप
धमकी मिलने के समय विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भवन के भीतर मौजूद थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों को तुरंत परिसर से बाहर कर पूरे भवन को खाली कराया गया। देखते ही देखते विधानसभा क्षेत्र पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के नियंत्रण में आ गया।
बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और ATS की संयुक्त कार्रवाई
सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। विधानसभा के हर कोने की बारीकी से जांच की जा रही है। संदिग्ध स्थानों को स्कैन कर किसी भी संभावित खतरे को निष्क्रिय करने की कोशिश जारी है। फिलहाल जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन सर्च ऑपरेशन जारी है।
कोर्ट परिसरों में भी अलर्ट
धमकी केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रही। जयपुर जिला सेशन कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट को भी इसी तरह के ई-मेल प्राप्त हुए। कोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों परिसरों को एहतियातन खाली कराया गया। वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों को सुरक्षित दूरी पर भेज दिया गया।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ नेता
घटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी मौके पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों से पूरी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्रशासन से सतर्कता और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
पूरे जयपुर में हाई अलर्ट
एक ही दिन में विधानसभा और न्यायपालिका जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे जयपुर शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। विधानसभा और कोर्ट परिसरों के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और इलाके को अस्थायी रूप से सुरक्षा छावनी में बदल दिया गया है।
साइबर सेल सक्रिय
धमकी भरे ई-मेल के बाद पुलिस की साइबर सेल भी सक्रिय हो गई है। टीम ई-मेल के आईपी एड्रेस और उसके स्रोत का पता लगाने में जुटी है। प्रारंभिक जांच में इसे शरारती तत्वों की हरकत माना जा रहा है, लेकिन अधिकारी किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं।
सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती और स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक किसी को भी परिसरों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। फिलहाल सभी एजेंसियां सतर्क हैं और पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है।


