बीबीएन, नेटवर्क | जयपुर में रविवार को सप्त शक्ति कमांड द्वारा आयोजित ‘ऑनर रन’ ने शहर को सैन्य सम्मान, राष्ट्रभक्ति और अदम्य जज़्बे के रंगों में रंग दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों के वेटरन्स, वीर सैनिकों के बलिदान और उनके सेवा-समर्पण को सम्मान देना था। दौड़ की शुरुआत ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल संग्रहालय से हुई और जेएलएन मार्ग की ताजी सर्द सुबह में हजारों प्रतिभागी एक साथ देशभक्ति की भावना से सराबोर नज़र आए।
दौड़ में वेटरन्स, सेवारत सैनिकों, एनसीसी कैडेट्स, प्रोफेशनल रनर्स, पैरा-एथलीट्स, परिवारों और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर भाग लिया। पूरा दृश्य उन मूल्यों का जीवंत प्रतीक था, जो भारतीय सेना सदियों से निभाती आ रही है साहस, अनुशासन, सेवा और त्याग।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने 10 किमी व 5 किमी की श्रेणियों को फ्लैग ऑफ किया, जबकि 21 किमी रेस को सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मंजिंदर सिंह ने अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति में रवाना किया। शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने प्रतिभागियों में एक अलग ही ऊर्जा का संचार किया। आर्मी कमांडर ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आज का हर कदम उन वीरों के सम्मान का प्रतीक है जिन्होंने अपने जीवन का हर पल देश की रक्षा में अर्पित किया।” मुख्यमंत्री ने भी ‘ऑनर रन’ को “देशभक्ति का जीवंत प्रतीक” बताते हुए सभी प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम में 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी टाइम्ड रन आयोजित की गईं, जिनके लिए ₹22.7 लाख की पुरस्कार राशि निर्धारित थी। इवेंट से पूर्व आयोजित प्रमोशनल रन, कर्टेन रेज़र और बीब एक्सपो ने पूरे जयपुर में जोश का माहौल बना दिया था। पैरा-एथलीट्स की प्रेरणादायक भागीदारी ने कार्यक्रम के महत्व को और गहरा किया।
जयपुरवासियों की बड़ी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि शहर 2026 में होने जा रही आर्मी डे परेड के स्वागत के लिए तैयार है। ‘ऑनर रन’ ने न केवल वीरों के सम्मान की परंपरा को मजबूत किया बल्कि नागरिकों को साहस, सेवा और दृढ़ता के आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित भी किया।
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