बीबीएन, नेटवर्क। चूरू में भारतीय सेना की पहल पर रविवार को आयोजित “गौरव सेनानी रैली” में जिले की आठों तहसीलों से आए 10 हजार से अधिक पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, वीर माताओं और उनके परिजनों ने भाग लिया। चूरू के एसएआई स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े सहायता काउंटर, चिकित्सा शिविर, सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ दिव्यांग पूर्व सैनिकों को सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधियों की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही।
भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमान के तत्वावधान में रणबांकुरा डिवीजन द्वारा आयोजित इस रैली का उद्देश्य पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के साथ संवाद को मजबूत करना तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराना था। आयोजन में बड़ी संख्या में आए प्रतिभागियों ने इसे सैनिक समुदाय के सम्मान और कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यक्रम में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई गणमान्य नागरिक अतिथि उपस्थित रहे। नागरिक प्रशासन और सेना की संयुक्त भागीदारी ने यह संकेत दिया कि पूर्व सैनिकों के अधिकारों और सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
रैली के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सैन्य परंपराओं से जुड़े कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सैन्य हेलीकॉप्टरों द्वारा युद्ध कौशल का प्रदर्शन, सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी और मिलिट्री पाइप बैंड की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। इन गतिविधियों ने भारतीय सेना की परंपराओं और पूर्व सैनिकों के योगदान को रेखांकित किया।
पूर्व सैनिकों की सहायता के लिए विभिन्न रिकॉर्ड ऑफिस, बैंक तथा सरकारी कल्याणकारी संस्थाओं ने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों पर पेंशन संबंधी प्रश्नों के समाधान, दस्तावेजों के अद्यतन और रोजगार से संबंधित जानकारी प्रदान की गई। दिव्यांग पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के लिए विशेष सहायता काउंटर भी स्थापित किए गए।
इस बार रैली में राजस्व विभाग की भागीदारी एक नई पहल के रूप में सामने आई। इससे भूमि और राजस्व से जुड़े मामलों में पूर्व सैनिकों को तत्काल मार्गदर्शन उपलब्ध कराया गया। आयोजन स्थल पर लगाए गए चिकित्सा शिविर में प्रतिभागियों के लिए व्यापक स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए एकीकृत सैनिक कल्याण कॉम्प्लेक्स की स्थापना की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान और कल्याण राज्य की प्राथमिकता है।
सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने भी पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में राष्ट्रीय सुरक्षा के सभी आयामों में सतर्कता और तैयारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश के पूर्व सैनिक समाज और राष्ट्र की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण सहयोगी भूमिका निभाते हैं।
रैली के दौरान आयोजित सम्मान समारोह में वीर नारियों, वीर माताओं और युद्ध में घायल पूर्व सैनिकों को उनके योगदान और बलिदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही दिव्यांग पूर्व सैनिकों को विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें तीन पहिया स्कूटर, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, वॉकर, मरीजों के लिए विशेष बिस्तर और रक्तचाप मापने की मशीनें शामिल हैं। कुछ दिव्यांग पूर्व सैनिकों को वित्तीय सहायता भी प्रदान की गई।
भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमान ने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संवाद, सहयोग और सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाना उसकी प्राथमिकता है। चूरू में आयोजित यह रैली सेना और पूर्व सैनिक समुदाय के बीच गहरे संबंधों का प्रतीक मानी जा रही है। यह आयोजन इस बात को भी रेखांकित करता है कि पूर्व सैनिकों का कल्याण केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन की साझा राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।






