बीबीएन, नेटवर्क | भारतीय वायुसेना और थलसेना के अटैक हेलिकॉप्टर बेड़े की मारक क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। स्वदेशी रुद्र और प्रचंड हेलिकॉप्टर अब उन्नत ध्रुवास्त्र और हेलिना मिसाइलों से लैस होकर आधुनिक युद्ध में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। रक्षा अधिग्रहण परिषद द्वारा 200 ध्रुवास्त्र मिसाइलों की खरीद को मंजूरी मिलने के बाद इन प्लेटफॉर्म्स की एंटी-आर्मर क्षमता और मजबूत हुई है। हाल के वैश्विक संघर्षों में ड्रोन के बढ़ते उपयोग को देखते हुए अटैक हेलिकॉप्टरों की भूमिका भी तेजी से विकसित हो रही है।
हेलिकॉप्टरों की ताकत और हथियार प्रणाली
रुद्र और प्रचंड हेलिकॉप्टर अत्याधुनिक हथियारों से सुसज्जित हैं। इनमें 20 मिमी ऑटोमैटिक तोप, रॉकेट पॉड्स और एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें शामिल हैं। ये हेलिकॉप्टर निकट वायु समर्थन (Close Air Support) के साथ-साथ दुश्मन के बख्तरबंद ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर लगी मिसाइलें स्टब-विंग्स पर बाहरी रूप से तैनात होती हैं, जिससे लक्ष्य के अनुसार हथियारों का लचीला उपयोग संभव हो पाता है।
ध्रुवास्त्र और हेलिना: स्वदेशी मारक क्षमता
ध्रुवास्त्र और हेलिना मिसाइलें स्वदेशी तीसरी पीढ़ी की नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल के उन्नत संस्करण हैं। वायुसेना के रुद्र हेलिकॉप्टर में ध्रुवास्त्र का उपयोग होता है थलसेना के प्लेटफॉर्म हेलिना से लैस हैं ये मिसाइलें “फायर एंड फॉरगेट” तकनीक पर आधारित हैं, जिससे दुश्मन के टैंक और मजबूत ठिकानों को सटीक निशाना बनाया जा सकता है।
ड्रोन युद्ध में बढ़ती भूमिका
हाल के अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में यह स्पष्ट हुआ है कि अटैक हेलिकॉप्टर अब केवल पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं हैं। इजराइल, यूएई और यूक्रेन जैसे देशों ने कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन को नष्ट करने के लिए हेलिकॉप्टरों का सफल उपयोग किया है। कम ऊंचाई और धीमी गति पर संचालन की क्षमता के कारण हेलिकॉप्टर ड्रोन के फ्लाइट प्रोफाइल से मेल खाते हैं, जिससे उन्हें आसानी से ट्रैक और नष्ट किया जा सकता है।
रणनीतिक महत्व
रुद्र और प्रचंड हेलिकॉप्टरों की बढ़ती क्षमता भारतीय सेना की सामरिक ताकत को नई दिशा देती है। यह न केवल पारंपरिक युद्ध बल्कि भविष्य के ड्रोन-केंद्रित संघर्षों में भी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्वदेशी हथियार प्रणालियों का यह विस्तार भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है और युद्धक्षेत्र में लचीलापन बढ़ाता है।



