बीबीएन, बीकानेर। बीकानेर रेंज में एक ओर नशे ओर तस्करों पर लगाम कसी जा रही है ,दूसरी ओर बदमाशों ओर गैंगस्टरों पर भी शिकंजा कसना शुरु हो गया है। गुरुवार तड़के पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में लॉरेंस गैंग का एक सक्रिय सदस्य घायल हो गया। श्रीगंगानगर के सदर थाना पुलिस ने घेराबंदी कर कुख्यात बदमाश संजीव उर्फ संजू बिश्नोई को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसे उपचार के लिए गंगानगर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संजू बिश्नोई के विरुद्ध हत्या के प्रयास और रंगदारी सहित करीब 10 संगीन मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई सूरतगढ़ बाईपास पुल पर पुलिस द्वारा की गई सटीक नाकाबंदी का परिणाम है।
सूरतगढ़ बाईपास पर आधी रात को हुई मुठभेड़
श्रीगंगानगर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लॉरेंस गैंग से जुड़ा एक संदिग्ध अपराधी बाइक पर बाईपास क्षेत्र से शहर की ओर आने वाला है। सूचना के आधार पर थानाधिकारी सुभाष ढील के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सूरतगढ़ बाईपास पुल पर नाकाबंदी की। तड़के करीब 3 बजे जब पुलिस ने बाइक सवार को रुकने का इशारा किया, तो आरोपी ने भागने का प्रयास किया। जब पुलिस ने उसे घेरा, तो उसने सीधे पुलिस टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
जवाबी फायरिंग में घायल हुआ बदमाश
पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के दाएं पैर की जांघ में लगी। गोली लगते ही वह बाइक सहित गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत काबू में ले लिया। पुलिस टीम उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गई, जहां भारी सुरक्षा बल के बीच उसका उपचार जारी है। एसपी हरी शंकर सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली।
रंगदारी और फायरिंग का पुराना इतिहास
पकड़े गए आरोपी की पहचान संजीव उर्फ चद्दर उर्फ संजू बिश्नोई (27) के रूप में हुई है, जो रोहिड़ावाली का निवासी है। जांच में सामने आया है कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कुख्यात सहयोगी है। 20 जनवरी 2022 को टांटिया अस्पताल के बाहर हुई फायरिंग और दो साल पहले एक व्यवसायी के निवास ‘व्हाइट हाउस’ पर रंगदारी के लिए की गई फायरिंग में भी संजू की प्रमुख भूमिका थी। पुलिस अब उसके पूरे नेटवर्क और अन्य फरार साथियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।



