बीबीएन, नेटवर्क। एक बड़े आतंकी हमले की आशंका से जुड़े मामले में जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस की स्पेशल सेल की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए छह संदिग्ध पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शाहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े थे और उन्हें वहीं से निर्देश मिल रहे थे। जांच में खुलासा हुआ है कि संदिग्धों ने दिल्ली के कई संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों की रेकी कर उसके वीडियो पाकिस्तान भेजे थे। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से रेकी के वीडियो, आपसी बातचीत और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य विदेशी हैंडलरों और भारत में सक्रिय संभावित स्लीपर सेल की तलाश में जुटी हैं।
जांच अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने राजधानी के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों की गतिविधियों पर नजर रखी थी। इनमें परिवहन केंद्रों, रेलवे स्टेशन और अत्यधिक भीड़ वाले बाजारों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया था। इन स्थानों की वीडियो रिकॉर्डिंग कर पाकिस्तान स्थित हैंडलरों तक पहुंचाई गई थी।
स्पेशल सेल की जांच में यह भी सामने आया है कि पूरे नेटवर्क का संचालन पाकिस्तान से किया जा रहा था। गैंगस्टर शाहजाद भट्टी कथित रूप से आरोपियों को सीधे निर्देश देता था और अलग-अलग व्यक्तियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, नेटवर्क का उद्देश्य केवल दिल्ली तक सीमित नहीं था, बल्कि उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी गतिविधियां फैलाने की योजना थी।
डिजिटल फोरेंसिक जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण चैट, वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिले हैं। इन्हीं के आधार पर पुलिस नेटवर्क की कार्यप्रणाली, संपर्क सूत्रों और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आया कि एक आरोपी को राजधानी में रेकी करने और पेट्रोल बम हमले की तैयारी से जुड़ा कार्य सौंपा गया था, जबकि दूसरे आरोपी को कथित तौर पर घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस के अनुसार, इस काम के लिए आर्थिक प्रलोभन भी दिया गया था।
पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी। जांच एजेंसियों ने ऐसे 100 से अधिक संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट और चैनलों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार छह आरोपियों के संपर्क केवल एक विदेशी हैंडलर तक सीमित नहीं थे। जांच में पाकिस्तान में बैठे कई अन्य संदिग्धों से भी उनके संपर्क के संकेत मिले हैं। अब एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने, शेष सहयोगियों की पहचान करने और देश में सक्रिय संभावित स्लीपर सेल का पता लगाने में जुटी हैं।




