बीबीएन,बीकानेर। रानीबाजार औद्योगिक क्षेत्र की दो दशक से अधिक पुरानी जलापूर्ति व्यवस्था को बदलने की मांग तेज हो गई है। बीकानेर जिला उद्योग संघ ने विधायक जेठानंद व्यास को ज्ञापन सौंपकर जर्जर और अत्यधिक गहराई में पहुंच चुकी पेयजल पाइपलाइन को बदलने, अतिरिक्त जल टंकी (सीडब्ल्यूआर) और पंप हाउस के निर्माण की अनुशंसा राज्य सरकार से कराने का आग्रह किया है। उद्योग संघ का कहना है कि प्रस्तावित सड़क और सीवरेज कार्य शुरू होने से पहले नई पाइपलाइन बिछा दी जाए, ताकि भविष्य में नई सड़कों को दोबारा नहीं तोड़ना पड़े।
पुरानी पाइपलाइन से जलापूर्ति पर बढ़ रहा संकट
बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने विधायक जेठानंद व्यास को सौंपे ज्ञापन में बताया कि रानीबाजार औद्योगिक क्षेत्र की पेयजल पाइपलाइन लगभग 20 से 25 वर्ष पहले बिछाई गई थी। समय के साथ सड़कों का स्तर बढ़ने से पाइपलाइन अब करीब 8 से 10 फीट गहराई में पहुंच चुकी है। पुरानी पाइपलाइन के बार-बार क्षतिग्रस्त होने से लीकेज, दूषित जल की आपूर्ति और पेयजल संकट जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं।
200 से अधिक उद्योग और हजारों श्रमिक प्रभावित
संघ के अनुसार रानीबाजार औद्योगिक क्षेत्र में करीब 200 औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जहां लगभग 10 हजार श्रमिक और उनके परिवार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। क्षतिग्रस्त जल वितरण व्यवस्था के कारण कई बार स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में भी कठिनाई उत्पन्न होती है।
आबादी बढ़ी, लेकिन जल ढांचे का विस्तार नहीं
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि औद्योगिक क्षेत्र अब शहर की विस्तारित आबादी का हिस्सा बन चुका है तथा इसके आसपास कई नई आवासीय कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं। इसके बावजूद पिछले दो दशकों में यहां नई जल टंकी (सीडब्ल्यूआर) और पंप हाउस का निर्माण नहीं हुआ, जिससे जल दबाव और नियमित आपूर्ति दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
सीवरेज परियोजना से पहले पाइपलाइन बदलने की मांग
उद्योग संघ ने बताया कि रीको द्वारा रानीबाजार औद्योगिक क्षेत्र में सड़क और सीवरेज सुधार कार्य के लिए लगभग 17 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मुख्यालय भेजा गया है। ऐसे में निर्माण कार्य शुरू होने से पहले नई जल पाइपलाइन बिछाना अधिक व्यावहारिक होगा, जिससे भविष्य में नई सड़कों की खुदाई से बचा जा सके।
विधायक ने समाधान का दिया भरोसा
विधायक जेठानंद व्यास ने उद्योग प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि इस विषय को संबंधित विभाग और राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा तथा शीघ्र समाधान के लिए संबंधित मंत्री से मुलाकात कर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।






