बीबीएन, नेटवर्क | आर्मी ट्रेनिंग कमांड (ARTRAC) के GOC-in-C लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने 5 दिसंबर को ASC सेंटर एंड कॉलेज का दौरा किया। इस दौरान उन्हें मौजूदा और भविष्य के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिनका लक्ष्य सेना के आधुनिकीकरण के पांच प्रमुख स्तंभों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रणाली को और मजबूत बनाना है।
ड्रोन, लॉजिस्टिक्स और एयर मेंटेनेंस प्रोजेक्ट्स की समीक्षा
दौरे के दौरान आर्मी कमांडर ने ASC सेंटर में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट, अत्याधुनिक ड्रोन टेक्नोलॉजी, लॉजिस्टिक्स, मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट, और एयर मेंटेनेंस से जुड़े विशेष प्रोजेक्ट्स की प्रगति का अवलोकन किया। सैन्य सूत्रों के अनुसार, ये प्रोजेक्ट्स तेजी से बदलते युद्धक वातावरण तथा भविष्यगत ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किए जा रहे हैं।
ट्रेनिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में लाइव ट्रेनिंग का निरीक्षण
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने कुलिनरी ट्रेनिंग सेंटर और ऑफिस असिस्टेंट्स ट्रेनिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने प्रशिक्षणाधीन जवानों की लाइव प्रैक्टिकल गतिविधियों को देखा। सेंटर द्वारा अपनाए गए आधुनिक प्रशिक्षण मॉडल और स्किल-अपग्रेडेशन कार्यक्रमों को उन्होंने अत्यंत सराहनीय बताया।
नई टेक्नोलॉजी को सैन्य प्रशिक्षण में शामिल करने की प्रशंसा
आर्मी कमांडर ने ASC सेंटर द्वारा सैन्य प्रशिक्षण में नई तकनीकों के प्रभावी एकीकरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि बदलते ऑपरेशनल माहौल के अनुसार प्रशिक्षण मॉडल का नवाचार होना सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने ASC सेंटर एंड कॉलेज की उन पहलों की भी प्रशंसा की, जो उभरते सिद्धांतों (Evolving Doctrines) और वास्तविक ऑपरेशनल जरूरतों के अनुरूप तैयार की गई हैं।




