बीबीएन, बीकानेर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की तस्करी को अंजाम देने वाले एक बड़े गिरोह का श्रीगंगानगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ‘ऑपरेशन सीमा संकल्प’ के तहत की गई इस कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने 10 किलो 419 ग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 52 करोड़ रुपये है। पुलिस ने पंजाब निवासी दो युवकों और एक महिला को गिरफ्तार कर उनके पास से 1.61 लाख रुपये नकद और तस्करी में इस्तेमाल हो रही लग्जरी कार भी जब्त की है।
एनकाउंटर जैसी स्थिति: पुलिस पर चढ़ाई गाड़ी
जैतसर थाना पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि अनूपगढ़-सूरतगढ़ स्टेट हाईवे से नशीले पदार्थों की बड़ी खेप गुजरने वाली है। नाकाबंदी के दौरान जब पुलिस ने पंजाब नंबर की एक संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया, तो तस्करों ने वहां से भागने की कोशिश की। पीछा करने पर तस्करों ने पुलिस की गाड़ी को जानबूझकर टक्कर मार दी, जिससे एक पुलिसकर्मी चोटिल हो गया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के आगे तस्कर टिक नहीं सके और उन्हें धर दबोचा गया।
दो अलग-अलग ठिकानों से हुई रिकवरी
पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दो चरण रहे:
सड़क पर नाकेबंदी: कार की तलाशी लेने पर 9 किलो 908 ग्राम हेरोइन और 1.40 लाख रुपये बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मेंद्र सिंह उर्फ बब्बू और जसविंद्र सिंह उर्फ जस्सी के रूप में हुई है।
सलेमपुरा में दबिश: आरोपियों से पूछताछ के बाद समेजा कोठी थाना क्षेत्र के सलेमपुरा गांव स्थित नवजोत कौर उर्फ ज्योति के घर पर छापेमारी की गई, जहां से 511 ग्राम हेरोइन और 21,200 रुपये नकद मिले।
पाकिस्तान कनेक्शन और जांच का दायरा
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह हेरोइन पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में गिराई गई थी। यह खेप पंजाब के नेटवर्क के जरिए स्थानीय तस्करों तक पहुंचाई जा रही थी। फिलहाल, पुलिस की टीमें इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की सप्लाई चेन और इसके पीछे के मास्टरमाइंड का पता लगाने में जुटी हैं।
दोनों थानों में एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी गई है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।





