बीबीएन, नेटवर्क। राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र में एक नया सवेरा हुआ है। प्रदेश ने न केवल रिकॉर्ड बिजली उत्पादन कर इतिहास रचा है, बल्कि अब अमेरिका के कैलिफोर्निया के साथ तकनीकी साझेदारी करके भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया है।
अमेरिका के साथ तकनीकी ‘हाथ’ मिलाना क्यों है ऐतिहासिक?
राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC), कैलिफोर्निया ऊर्जा आयोग (CEC) और कैलिफोर्निया पब्लिक यूटिलिटीज कमीशन (CPUC) के बीच हुआ यह समझौता मात्र कागजों तक सीमित नहीं है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य ग्रीन एनर्जी का बेहतर प्रबंधन, बिजली भंडारण (Energy Storage) तकनीक का विकास और स्मार्ट ग्रिड सिस्टम को आधुनिक बनाना है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने इसे भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम बताया है, जिससे नीतिगत अनुभव और तकनीकी ज्ञान का सीधा आदान-प्रदान होगा।
रिकॉर्ड उत्पादन: राजस्थान की बड़ी उपलब्धि
जहां एक ओर प्रदेश ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर थर्मल पावर प्लांटों ने भी कमाल किया है। 2 जून 2026 को प्रदेश की थर्मल इकाइयों ने 7171 मेगावाट बिजली उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सूरतगढ़ थर्मल पावर स्टेशन ने अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन करते हुए 2790 मेगावाट उत्पादन किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए ‘मल्टीनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ ने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और उत्पादन निगम के सीएमडी देवेन्द्र श्रृंगी को वैश्विक अवार्ड से सम्मानित किया है।
आगे की राह: क्या होगा बदलाव?
राज्य सरकार अब केवल बिजली उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों तक सस्ती और निर्बाध बिजली पहुंचाने के लिए आधुनिक पावर ग्रिड, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और स्मार्ट मीटरिंग को तेजी से धरातल पर उतार रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के साथ यह तकनीकी तालमेल राजस्थान को देश का सबसे मजबूत ऊर्जा राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।



