बीबीएन नेटवर्क | भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे सूबे के जैसलमेर जिले में सरकारी भूमि पर बने छह कथित अवैध मस्जिदों और मदरसों को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत ध्वस्त कर दिया है। सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी कार्रवाई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई गई। इसी दौरान जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय सेना ने संदिग्ध घुसपैठ की कोशिश को विफल कर दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है, जबकि अधिकारियों ने भारतीय पक्ष में किसी प्रकार की जनहानि से इनकार किया है।
ऑपरेशन के तहत हटाए गए छह कथित अवैध ढांचे
जैसलमेर जिला प्रशासन ने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाते हुए सरकारी भूमि पर बने छह कथित अवैध धार्मिक ढांचों को हटाया। यह कार्रवाई राजस्व, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त निगरानी में की गई। अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों की सहायता ली गई तथा पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती रही।
प्रशासन का कहना है कि जिन स्थानों पर कार्रवाई की गई, वे सरकारी भूमि पर स्थित थे। इनमें कुछ भूमि पोंग बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास के लिए आरक्षित बताई गई है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण अभियान के दौरान विशेष सतर्कता बरती गई।
सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी
अधिकारियों के अनुसार सीमा से जुड़े क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या अतिक्रमण को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाया गया है ताकि संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
राजौरी LoC पर संदिग्ध गतिविधि के बाद सेना की कार्रवाई
उधर जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के तारकुंडी फॉरवर्ड क्षेत्र में नियंत्रण रेखा पर तैनात सैनिकों ने शुक्रवार देर रात संदिग्ध गतिविधि देखी। संभावित घुसपैठ की आशंका के बीच जवानों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की। इसके बाद सीमापार से भी गोलीबारी हुई, जो कुछ समय तक रुक-रुक कर जारी रही।
पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
घटना के बाद सेना ने तारकुंडी और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया। आधुनिक निगरानी उपकरणों और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मदद से जंगल तथा सीमावर्ती इलाकों की गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि कोई घुसपैठिया भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर पाया हो तो उसे शीघ्र खोजा जा सके।
भारतीय पक्ष सुरक्षित, हाई अलर्ट जारी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में भारतीय सुरक्षा बलों या नागरिकों को किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है। हालांकि एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित किया गया है और सीमा पर चौकसी पहले से अधिक बढ़ा दी गई है।





