बीबीएन,बीकानेर। राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान के तहत बीकानेर में पंचायत विभाग से जुड़े एक लिपिकीय कर्मचारी के ठिकानों पर समन्वित कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में नकदी, बहुमूल्य धातुएं और अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में संपत्ति अधिक होने की आशंका व्यक्त की गई है, जिसके आधार पर विस्तृत पड़ताल आगे बढ़ाई जा रही है।
छापेमारी के दौरान लगभग एक किलोग्राम सोना, करीब एक किलोग्राम चांदी, लगभग छिहत्तर लाख रुपये नकद तथा विभिन्न भूखंडों से जुड़े अभिलेख जब्त किए गए। जांच दल ने निवेश, बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेन-देन से संबंधित कागजात भी सुरक्षित कर लिए हैं, ताकि संपत्ति के वास्तविक मूल्य और स्रोत का समुचित आकलन किया जा सके।
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई महानिदेशक गोविंद गुप्ता के निर्देशन में संचालित हुई, जबकि निगरानी का दायित्व डीआईजी भुवन भूषण यादव के पास रहा। पांच अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर दबिश देकर साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पूरी की। कार्रवाई का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने किया तथा अन्य अधिकारियों ने भी जांच में सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों का कहना है कि जब्त आभूषणों और नकदी का मूल्यांकन कराया जा रहा है। दस्तावेजों की पुष्टि के बाद यदि आय से अधिक संपत्ति की स्थिति स्पष्ट होती है तो संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संबंधित कर्मचारी लंबे समय से विभागीय सेवा में कार्यरत था और उसकी जीवनशैली को लेकर पूर्व में भी चर्चाएं होती रही थीं। अब जांच एजेंसी वित्तीय लेन-देन, निवेश योजनाओं और संभावित अघोषित संपत्तियों का व्यापक परीक्षण कर रही है, ताकि संपूर्ण तथ्य सामने लाए जा सकें। यह कार्रवाई सरकारी पद पर रहते हुए अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोपों के प्रति एजेंसी के कठोर रुख को दर्शाती है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी।


