⭕ सिम्फनी बैंड से गूंजा जयपुर, सेना दिवस का कर्टन रेज़र
बीबीएन, नेटवर्क | सेना दिवस परेड से पहले भारतीय सेना ने सांस्कृतिक संदेश को केंद्र में रखते हुए जयपुर के जवाहर कला केंद्र में एक भव्य सिम्फनी बैंड आयोजन किया। इस विशेष संध्या में सैन्य अनुशासन, भारतीय परंपरा और शास्त्रीय वाद्य संगीत का प्रभावशाली संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में सप्त शक्ति कमांड के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह और आर्मी वुमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) की क्षेत्रीय अध्यक्षा बरिंदरजीत कौर सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। यह आयोजन 15 जनवरी 2026 को जयपुर में प्रस्तावित सेना दिवस परेड से पूर्व एक प्रेरक ‘कर्टन रेज़र’ के रूप में सामने आया।
भारतीय सेना के सिम्फनी बैंड ने अपनी सधी हुई प्रस्तुतियों के माध्यम से देशभक्ति, एकता और सैन्य गौरव की भावना को संगीतमय अभिव्यक्ति दी। सुरों की यह यात्रा न केवल मनोरंजन तक सीमित रही, बल्कि सेना की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अनुशासनबद्ध परंपराओं को भी उजागर करती चली गई। दर्शक दीर्घा में मौजूद श्रोताओं ने हर प्रस्तुति को तालियों की गूंज के साथ सराहा।
इस अवसर को और अधिक अर्थपूर्ण बनाते हुए आर्मी वुमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा एक विशेष प्रस्तुति समारोह आयोजित किया गया। इसमें सैन्य परिवारों के साहस, आत्मनिर्भरता और सामाजिक योगदान को केंद्र में रखा गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सैनिकों के साथ-साथ उनके परिवार भी राष्ट्र सेवा की रीढ़ हैं।
सामाजिक सहभागिता के रूप में रोटरी क्लब जयपुर, जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी तथा महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने AWWA को आर्थिक सहयोग और मोबिलिटी सहायक उपकरण प्रदान किए। यह सहयोग पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और सैन्य परिवारों के कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया।
जवाहर कला केंद्र में सजी यह संध्या भारतीय सेना के जनसंपर्क प्रयासों को नई ऊर्जा देती नजर आई। संगीत के माध्यम से सेना और समाज के बीच संवाद को सशक्त करने का यह प्रयास सेवा, बलिदान और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को रेखांकित करता है। सेना दिवस परेड 2026 से पहले आयोजित यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से स्मरणीय रहा, बल्कि इसने जयपुर को सैन्य परंपरा और कलात्मक अभिव्यक्ति के साझा मंच के रूप में भी स्थापित किया।




