बीबीएन, नेटवर्क | एक ट्रेनर विमान लैंडिंग से पहले 33 केवी हाई-वोल्टेज बिजली लाइन से टकराकर खेतों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टक्कर से बिजली लाइन तुरंत ट्रिप हो गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। विमान में मौजूद दोनों पायलट घायल हुए जिन्हें स्थानीय प्रशासन, ग्रामीणों और पुलिस की मदद से तत्काल बचाया गया।फिलहाल DGCA ने जांच के आदेश जारी किए हैं और मलबे को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।
दुर्घटना शाम 6 बजकर 25 मिनट पर सिवनी–नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 44 के पास अमागांव के खेतों में हुई। यह विमान रेडबर्ड एविएशन कंपनी का बताया जा रहा है, जो प्रशिक्षण उड़ान पर था। हादसा मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में सोमवार शाम सुकतारा एयरस्ट्रिप से करीब दो किलोमीटर दूर अमागांव के पास हुआ।
कैसे हुआ हादसा ?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेनर विमान जैसे ही रनवे की ओर लैंडिंग के लिए नीचे आ रहा था, तभी विमान का निचला हिस्सा बादलपार सबस्टेशन की 33 केवी लाइन से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि लाइन टूट गई और विमान खेतों में जा गिरा। हालांकि बिजली का प्रवाह तुरंत रुकने से आग लगने जैसी बड़ी दुर्घटना से बचाव हो गया।
बचाव अभियान और घायलों की स्थिति
विमान में मौजूद पायलट अजित चड्ढा और दूसरा प्रशिक्षु पायलट दुर्घटना में घायल हो गए। बिजली विभाग के कर्मचारियों, ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर दोनों को तुरंत बाहर निकाला और बारापथर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दोनों की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।
जांच के आदेश, DGCA को सूचना
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गए। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को घटना की सूचना दे दी गई है। शुरुआती जांच में बिजली लाइन से टकराहट ही दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।



