बीबीएन, नेटवर्क। असम राइफल्स ने जयपुर में आयोजित पूर्व सैनिक रैली के माध्यम से एक बार फिर अपने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई। बी.एम. बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में राजस्थान और हरियाणा से 700 से अधिक पूर्व सैनिक शामिल हुए। रैली के दौरान वीर नारियों और वीरता पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया, जबकि पेंशन, ईसीएचएस, पुनर्वास और कल्याण योजनाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष हेल्प डेस्क भी लगाए गए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मेजर जनरल Jai Singh Bainsla ने की। उन्होंने पूर्व सैनिकों से संवाद करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में उनका योगदान असम राइफल्स की गौरवशाली विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यक्रम में आठ वीर नारियों और छह वीरता पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया।
रैली के दौरान बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों ने पेंशन संबंधी समस्याओं, चिकित्सा सुविधाओं और दस्तावेजी सहायता से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। इसके लिए अलग-अलग सहायता केंद्र स्थापित किए गए थे। स्वास्थ्य परामर्श और पुनर्वास सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं, ताकि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता तुरंत मिल सके।
असम राइफल्स का यह अभियान केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं है। बल की ओर से चलाए जा रहे विशेष आउटरीच कार्यक्रम के तहत देशभर में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों तक पहुंच बनाई जा रही है। अभियान के अंतर्गत शय्याग्रस्त पूर्व सैनिकों और निकट संबंधियों तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर सहायता प्रदान की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार आर्थिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
असम राइफल्स के अनुसार अब तक 17 राज्यों के 44 स्थानों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन अभियानों के माध्यम से करीब 8,992 पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और आश्रितों से संपर्क स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त 66 शय्याग्रस्त पूर्व सैनिकों और निकट संबंधियों को व्यक्तिगत सहायता भी प्रदान की गई है।
कार्यक्रम में असम राइफल्स वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन की उपाध्यक्ष Ritu Bainsla भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिक समुदाय और वीर नारियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा भविष्य में भी यह सहयोग लगातार जारी रहेगा रैली के समापन पर असम राइफल्स ने स्पष्ट किया कि पूर्व सैनिक बल के परिवार का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा तथा कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।




