🟥 ‘शब्द कम, सेवा ज़्यादा’ मोदी बोले, ब्रह्माकुमारीज़ बनेगी विश्व शांति का केंद्र
बीबीएन, नेटवर्क, 1 नवंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नवा रायपुर स्थित ब्रह्माकुमारीज़ शांति शिखर एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि आने वाले समय में यह संस्थान विश्व शांति के प्रयासों का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस अवसर पर उन्होंने ध्यान कक्ष में कुछ समय ध्यान लगाया और कहा “ब्रह्माकुमारीज़ में शब्द कम, सेवा ज़्यादा है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा ने सदैव शांति और सद्भाव का संदेश दिया है। “हम वह हैं जो जीव में शिव को देखते हैं, और विश्व कल्याण को अपने आचरण में उतारते हैं।” उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ जैसी संस्थाएं आध्यात्मिकता के माध्यम से समाज को सशक्त बना रही हैं और विकसित भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, ब्रह्माकुमारीज़ की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी जयंती दीदी और डॉ. मृत्युंजय भाई भी उपस्थित रहे।
मोदी ने कहा कि उन्होंने पिछले कई दशकों में इस संस्था के समर्पण और तप को नज़दीक से देखा है। “मैं यहां अतिथि नहीं हूं, मैं आपका ही हूं,” उन्होंने कहा। पीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद जब भी वे विदेश गए, उन्हें हर देश में ब्रह्माकुमारीज़ परिवार से जुड़े लोग मिले “इससे उनकी सेवा भावना और विश्वव्यापी पहुंच का अहसास होता है।”
अध्यात्म से आत्मशांति की राह
मोदी ने कहा कि आत्मसंयम से आत्मज्ञान, आत्मज्ञान से आत्मसाक्षात्कार और आत्मसाक्षात्कार से आत्मशांति मिलती है। शांति शिखर एकेडमी इस यात्रा का माध्यम बनेगी, जिससे साधक वैश्विक शांति के वाहक बनेंगे।
प्रकृति संरक्षण पर जोर
पर्यावरण संरक्षण का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर के दृष्टिकोण से विश्व का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा “हमें प्रकृति से केवल लेना नहीं, उसे लौटाना भी सीखना होगा। यही ब्रह्माकुमारीज़ के जीवन दर्शन की मूल भावना है।” इस अवसर पर जयंती दीदी ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ परिवार उनके नेतृत्व में भारत को विश्व गुरु बनाने के संकल्प में साथ है।
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