बीबीएन, नेटवर्क, 24 अगस्त। भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊँचाई देने वाली अहम उपलब्धि सामने आई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने शनिवार को ओडिशा तट पर एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली (IADWS) का पहला उड़ान परीक्षण सफलता के साथ पूरा किया। यह प्रणाली शत्रु के हवाई खतरों को तुरंत निष्क्रिय करने में सक्षम मानी जा रही है।
डीआरडीओ ने बताया कि यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें कम दूरी से मार करने वाली मिसाइलें, उन्नत एंटी-एयर मिसाइलें और उच्च शक्ति लेजर-आधारित हथियार शामिल हैं। ‘डायरेक्टेड एनर्जी वेपन’ (DEW) नामक यह तकनीक दुश्मन के लड़ाकू विमानों और मिसाइलों को हवा में ही ध्वस्त कर सकती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता पर डीआरडीओ, भारतीय सशस्त्र बलों और वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक और ठोस कदम है, जो देश को अत्याधुनिक रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भर बनाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परीक्षण ने न केवल भारत की वायु सुरक्षा क्षमता को मजबूत किया है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन में भी देश की स्थिति को और सुदृढ़ किया है।
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