3000 से अधिक दावेदार, अब निर्णय अंतिम चरण में , राजस्थान कांग्रेस में सियासी हलचल तेज
बीबीएन, नेटवर्क, 23 अक्टूबर। राजस्थान कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल का दौर अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। लंबे समय से लंबित जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर पार्टी आलाकमान ने अब अंतिम कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में 24 अक्टूबर को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल राजस्थान से जुड़े 30 केंद्रीय पर्यवेक्षकों से विस्तृत बातचीत करेंगे।
बैठक में राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी उपस्थित रहेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद जिलाध्यक्षों के नामों पर अंतिम निर्णय का रास्ता साफ़ हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार, पर्यवेक्षकों ने अपने-अपने जिलों से जुड़ी रिपोर्ट एआईसीसी को सौंप दी है। अब इन रिपोर्टों के आधार पर प्रदेश नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं से परामर्श कर अंतिम सूची तय की जाएगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि नए जिलाध्यक्षों को इस बार अधिक अधिकार और स्वतंत्रता दी जाएगी, ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।
इस बार जिलाध्यक्ष पद के लिए अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला है। प्रदेशभर से 3000 से अधिक आवेदन आए हैं, जिनमें जयपुर सर्वाधिक दावेदारों वाला जिला रहा। जयपुर शहर अध्यक्ष पद के लिए 32 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि जयपुर ग्रामीण पूर्व और पश्चिम क्षेत्रों से लगभग 60 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है। कई वर्तमान और पूर्व विधायक भी इस दौड़ में शामिल हैं। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि यह नियुक्तियां केवल संतुलन की दृष्टि से नहीं, बल्कि संगठनात्मक सशक्तीकरण की दिशा में निर्णायक कदम साबित हों।
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