थार में गूंजेगी ‘थार शक्ति’ की गर्जना, तीनों सेनाएं करेंगी साझा युद्धाभ्यास
बीबीएन, बीकानेर, 25 अक्टूबर। भारत की तीनों सेनाएं,थलसेना, वायुसेना और नौसेना एक बार फिर संयुक्त युद्धाभ्यास के लिए तैयार हैं। 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती इलाकों में यह बड़ा सैन्य अभ्यास प्रस्तावित है। इसके लिए नोटम (NOTAM) जारी कर दिया गया है।
बीते कुछ महीनों से सेना द्वारा लगातार युद्धाभ्यास किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य आधुनिक तकनीक, संयुक्त संचालन और आपसी तालमेल को सशक्त बनाना है। इस बार का अभ्यास सामरिक दृष्टि से इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह भारत-पाकिस्तान सीमा के बेहद करीब आयोजित किया जाएगा।
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर के लोंगेवाला क्षेत्र में आयोजित ‘थार शक्ति’ अभ्यास का अवलोकन किया। उन्होंने भारतीय सैनिकों की वीरता, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि “भारतीय सेना भविष्य के किसी भी युद्ध परिदृश्य से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।”
‘थार शक्ति’ अभ्यास में अत्याधुनिक रोबोट डॉग, ड्रोन सिस्टम, एटॉर एन1200 जैसे उन्नत वाहन, मेन बैटल टैंक और कॉम्बैट हेलीकॉप्टर शामिल रहे। इन सबने रेगिस्तान की रेत पर भविष्य के युद्ध कौशल, गति और शक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की सैन्य रणनीति में तेज़ी से बदलाव आया है। अब ध्यान ‘फ्यूचर-रेडी’ फोर्स तैयार करने पर है, जो किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर सके।
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