‘टीम वर्क’ और टेक्नोलॉजी के सहारे अपराध मुक्त राजस्थान का संकल्प, पुलिस होगी और अधिक आक्रामक
बीबीएन, नेटवर्क, 26 अक्टूबर। राजस्थान में संगठित अपराध के विरुद्ध पुलिस का रुख और अधिक कठोर हो गया है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने शनिवार को राज्यभर के पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी सक्रिय आपराधिक गिरोह, उसके सरगनाओं और सहयोगियों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि “राज्य में अपराध के लिए कोई स्थान नहीं होगा। पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति निरंतर जारी रहेगी।”
पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में डीजीपी शर्मा ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों से कहा कि धमकी, जबरन वसूली, गोलीबारी, हत्या और अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त गिरोहों पर तुरंत और निर्णायक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अब कार्रवाई केवल अपराधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे आपराधिक तंत्र को समाप्त किया जाएगा। अपराधियों की पहचान से लेकर उनके समर्थकों और सोशल मीडिया पर प्रचार करने वालों तक, सभी पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
डीजीपी ने अधिकारियों को बीएनएस की धारा 111 के तहत गिरोह के सदस्यों पर कार्रवाई करने, उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने और उनके वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के आर्थिक स्रोत ही उनकी असली शक्ति हैं, इसलिए उन्हें जड़ से खत्म करना आवश्यक है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से टीम वर्क की भावना के साथ कार्य करने और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया। साथ ही, सूचना साझाकरण को मज़बूत बनाकर अपराध नियंत्रण को प्रभावी करने पर बल दिया।
बैठक में ‘एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स’ (एजीटीएफ) के प्रभारी दिनेश एम.एन., एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ, जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल, एडीजी (अपराध) हवा सिंह सहित बीकानेर, अजमेर, जोधपुर रेंज और 15 जिलों के पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। डीजीपी शर्मा ने अंत में कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर पुलिसकर्मी को अपनी पूरी क्षमता से कार्य करना होगा।
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