🔴 बीएसएफ की ‘दुर्गा ड्रोन स्क्वाड्रन’ से सीमाएं होंगी और सुरक्षित
बीबीएन, नेटवर्क। सीमा सुरक्षा बल (BSF) की महिला जवान अब दुश्मन के ड्रोन को आसमान में ही ढेर कर देंगी। बल ने पहली बार अपने इतिहास में ‘दुर्गा ड्रोन स्क्वाड्रन’ की शुरुआत की है, ये एक ऐसा दल जो पूरी तरह महिला सैनिकों से बना होगा। इस स्क्वाड्रन की विशेष ट्रेनिंग ग्वालियर स्थित ‘स्कूल ऑफ ड्रोन वॉरफेयर’ में दी जा रही है।
यह पहल, BSF के महानिदेशक दलजीत चौधरी की प्रेरणा और अकादमी के निदेशक डॉ. शमशेर सिंह, आईपीएस (एडीजी) के नेतृत्व में शुरू की गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य है महिला प्रहरियों को अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक में दक्ष बनाकर उन्हें सीमा सुरक्षा की अग्रिम पंक्ति में लाना। प्रशिक्षण के दौरान महिला जवानों को ड्रोन उड़ाने, दुश्मन की गतिविधियों की पहचान, निगरानी मिशनों के डेटा विश्लेषण और सीमा पार से आने वाले ड्रोन खतरों के प्रति त्वरित प्रतिक्रिया की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।
बीएसएफ का मानना है कि आधुनिक युद्ध केवल बल से नहीं, बल्कि तकनीक, सटीकता और रणनीति से लड़े जा रहे हैं। ऐसे में महिला जवानों की तीन प्रमुख विशेषताएं धैर्य, सटीकता और दृढ़ता । इस नई तकनीकी व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाएंगी।
‘दुर्गा ड्रोन स्क्वाड्रन’ न केवल सीमा सुरक्षा में महिलाओं की निर्णायक भूमिका का प्रतीक है, बल्कि यह भारत की “स्मार्ट बॉर्डर डिफेंस” की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम भी है। यह दल आपदा प्रबंधन, खोज-बचाव अभियानों और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी में भी अपनी भूमिका निभाएगा। ड्रोन टेक्नोलॉजी की इस नई उड़ान से अब महिला सैनिक भी आकाश में ‘दुर्गा’ रूप में दुश्मनों की नज़र और नीयत पर चौकसी रखेंगी।
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