बीबीएन,बीकानेर। शहर में भारतीय परंपरा, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक धरोहर को मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से 18 मार्च को ‘ब्रह्मनाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। बीकानेर सांस्कृतिक मंच की ओर से आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या में भगवान विष्णु के दशावतार का नाट्य मंचन, वेद मंत्रोच्चार, शास्त्रीय संगीत तथा लोक और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां होंगी। कार्यक्रम का आयोजन पुष्करणा स्टेडियम में शाम 7 बजे से होगा और इसका समापन हनुमान चालीसा व मां दुर्गा की महाआरती के साथ किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में दी कार्यक्रम की जानकारी
कार्यक्रम से पूर्व लाली माई पार्क स्थित वेद पाठशाला में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान विभिन्न प्रिंट और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकार उपस्थित रहे। आयोजक समिति की ओर से आरती आचार्य, राजकुमारी व्यास, श्रीकांत व्यास, धनंजय व्यास और प्रह्लाद व्यास ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।
शंखनाद और सरस्वती वंदना से होगी शुरुआत
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का आरंभ शंखनाद और सरस्वती वंदना के साथ किया जाएगा। इसके बाद बीकानेर के बच्चों द्वारा पंडित राजेंद्र किराडू और प्रह्लाद व्यास के मार्गदर्शन में वेद मंत्रों का उच्चारण किया जाएगा, जिससे कार्यक्रम को आध्यात्मिक वातावरण मिलेगा।
दशावतार मंचन रहेगा मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण भगवान विष्णु के दस अवतारों का क्रमिक मंचन होगा। इसमें मत्स्य, कूर्म, वराह से लेकर राम और कृष्ण सहित सभी अवतारों को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि यह प्रस्तुति भारतीय पुराणों और सांस्कृतिक परंपरा की झलक दर्शकों के सामने रखेगी।
लोक और शास्त्रीय प्रस्तुतियों से सजेगी सांस्कृतिक संध्या
कार्यक्रम में बीकानेर के युवा कलाकार भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। ईशा नाथ मंडल की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएगी, जबकि श्रीसखी समूह शास्त्रीय संगीत का मंचन करेगा। इसके अतिरिक्त कालबेलिया और कथक नृत्य की प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी।
बीकानेरवासियों से सहभागिता की अपील
आयोजक समिति ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर भारतीय संस्कृति पर आधारित इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना है।



