बीबीएन, नेटवर्क । भारतीय सेना के नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ है। जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के 31वें थलसेना प्रमुख (Chief of Army Staff) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने जनरल उपेन्द्र द्विवेदी का स्थान लिया। लगभग चार दशकों की सैन्य सेवा, विभिन्न ऑपरेशनल क्षेत्रों में नेतृत्व, कमांड और स्टाफ नियुक्तियों का व्यापक अनुभव रखने वाले जनरल धीरज सेठ ऐसे समय सेना की कमान संभाल रहे हैं, जब भारतीय सेना आधुनिकीकरण, तकनीकी बदलाव और भविष्य की युद्ध तैयारियों के महत्वपूर्ण चरण से गुजर रही है।
अनुभव और नेतृत्व का लंबा सफर
भारतीय सेना में जनरल धीरज सेठ का करियर विविध जिम्मेदारियों और चुनौतीपूर्ण नियुक्तियों से भरा रहा है। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों से लेकर रणनीतिक स्तर तक कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए हैं। सैन्य संचालन, प्रशासनिक नेतृत्व और संयुक्त कमांड का उनका अनुभव उन्हें सेना के सर्वोच्च पद तक पहुंचाने का आधार बना।
परिवर्तन के दौर में नई जिम्मेदारी
देश की सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। आधुनिक युद्ध तकनीक, ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सैन्य प्रणाली और सीमाई सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भारतीय सेना लगातार बदलाव कर रही है। ऐसे समय में नए सेना प्रमुख की भूमिका केवल नेतृत्व तक सीमित नहीं होगी, बल्कि भविष्य की रणनीति तैयार करने और सेना के आधुनिकीकरण को गति देने की भी होगी।
जनरल उपेन्द्र द्विवेदी से संभाली कमान
जनरल धीरज सेठ ने जनरल उपेन्द्र द्विवेदी से औपचारिक रूप से सेना प्रमुख का कार्यभार ग्रहण किया। यह नेतृत्व परिवर्तन भारतीय सेना की स्थापित परंपरा के अनुरूप हुआ, जिसमें वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर कमान का हस्तांतरण किया जाता है।
भारतीय सेना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में भारतीय सेना के सामने नई चुनौतियां हैं। ऐसे में अनुभवी नेतृत्व सेना की परिचालन क्षमता, रणनीतिक तैयारी और तकनीकी रूपांतरण को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।





