बीबीएन,बीकानेर। रोटरी क्लब ऑफ बीकानेर रॉयल्स ने नए रोटरी वर्ष की शुरुआत सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई सेवा कार्यों के साथ की। डिस्ट्रिक्ट गवर्नर इलेक्ट (डीजीई) प्रदीप पाराशर के बीकानेर प्रवास के दौरान छात्राओं को फर्नीचर उपलब्ध कराया गया, वृद्धाश्रम और खिलाड़ियों के लिए व्हीलचेयर भेंट की गई तथा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (बीओडी) की बैठक में वर्षभर की सेवा गतिविधियों और संगठनात्मक योजनाओं को अंतिम रूप दिया गया। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, सदस्यता विस्तार और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषय पूरे आयोजन के केंद्र में रहे।
छात्राओं को मिला बेहतर अध्ययन का आधार
सोंनगिरी कुएं के समीप स्थित राजकीय कन्या विद्यालय में छात्राओं के लिए फर्नीचर वितरित किया गया। इस अवसर पर डीजीई प्रदीप पाराशर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया गया प्रत्येक सहयोग समाज के भविष्य को मजबूत बनाने का माध्यम बनता है। क्लब पदाधिकारियों और सदस्यों ने विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।
वृद्धाश्रम और खिलाड़ियों को मिली नई सुविधा
जयपुर रोड स्थित अपना घर वृद्धाश्रम में प्रभुजनों तथा श्री पीताम्बरा टेबल टेनिस अकादमी के खिलाड़ियों को व्हीलचेयर प्रदान की गई। इस दौरान अतिथियों ने सेवा को रोटरी की सबसे बड़ी पहचान बताते हुए समाज के जरूरतमंद वर्गों तक लगातार सहायता पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने लाभार्थियों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं की भी जानकारी ली।
बीओडी बैठक में तय हुई सालभर की दिशा
सादुल क्लब में आयोजित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स बैठक में आगामी वर्ष की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा हुई। बैठक में सदस्यता बढ़ाने, सेवा प्रकल्पों का विस्तार, पर्यावरण संरक्षण, युवाओं की भागीदारी, सार्वजनिक छवि को मजबूत बनाने और फेलोशिप गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर सहमति बनी।
डीजीई प्रदीप पाराशर ने कहा कि रोटरी का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना नहीं, बल्कि समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने क्लब से रोटरी इंटरनेशनल की इस वर्ष की थीम “Create Lasting Impact” को प्रत्येक प्रकल्प का आधार बनाने का आह्वान किया।
क्लब अध्यक्ष इंजीनियर विपिन लड्ढा ने कहा कि क्लब सेवा, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व के नए मानक स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य करेगा। सचिव जगदीप सिंह ओबेरॉय ने बैठक का संचालन किया। कार्यक्रम का समापन स्नेह भोज के साथ हुआ।






