बीबीएन, नेटवर्क, 26 जुलाई। प्रथम विश्व युद्ध की साक्षी एक ऐतिहासिक रिवॉल्वर अब सीमा सुरक्षा बल (BSF) के केंद्रीय शस्त्र एवं रणनीति विद्यालय (CSWT) संग्रहालय की शोभा बनेगी। यह .45 वेब्ली मार्क V रिवॉल्वर वर्ष 1914 में इंग्लैंड में बनी थी और इसे ब्रिटिश राज के दौरान उपयोग में लाया गया था।

रिवॉल्वर को उद्योगपति सीताराम रुंगटा के पुत्र एन एल रुंगटा ने औपचारिक रूप से BSF को दान किया। यह दान CSWT इंदौर के डीआईजी एवं कार्यवाहक महानिरीक्षक राजन सूद की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। जिला शस्त्र मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद इस ऐतिहासिक हथियार को BSF को सौंपा गया।
ऐसे मिली दान की प्रेरणा
रुंगटा परिवार ने बताया कि दो वर्ष पूर्व कोलकाता में CSWT के संग्रहालय पर एक समाचार पढ़ा था, जिसने उन्हें इस विरासत को दान करने के लिए प्रेरित किया। उनका उद्देश्य था कि इस ऐतिहासिक हथियार को सुरक्षित रखकर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाया जाए।
ब्रिटिश अफसरों का प्रिय युद्ध हथियार
वेब्ली मार्क V रिवॉल्वर को पहले विश्व युद्ध में ब्रिटिश सेना के अफसर, एयरमैन, नौसेना कर्मी और टैंक चालकों द्वारा प्रमुखता से इस्तेमाल किया जाता था। यह हथियार अपनी मजबूती और युद्धक्षेत्र में विश्वसनीयता के लिए जाना जाता है।
संग्रहालय में हैं 300 से अधिक ऐतिहासिक हथियार
1967 में स्थापित CSWT संग्रहालय में वर्तमान में 300 से अधिक दुर्लभ और ऐतिहासिक हथियार संरक्षित हैं। इनमें मुग़ल काल से लेकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों द्वारा उपयोग में लाए गए हथियार शामिल हैं। एक समय इस संग्रहालय में शहीद भगत सिंह की कोट पिस्तौल भी प्रदर्शित की गई थी, जिसे वर्ष 2017 में पंजाब स्थानांतरित किया गया।
हथियारों की विरासत को सहेजने की पहल
BSF अधिकारियों ने इस योगदान को संग्रहालय के लिए एक “मूल्यवान धरोहर” करार दिया। उनका कहना है कि इस प्रकार के प्रयास हथियारों की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और युवाओं को सैन्य इतिहास से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।