बीबीएन, नेटवर्क, 19 सितंबर। झारखंड दौरे पर पहुंचे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने एक कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की गई रणनीति पर विस्तार से बात की।
उन्होंने बताया कि सात मई की रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को 1 से 1:30 बजे के बीच निशाना बनाया था।
जनरल चौहान ने स्पष्ट किया कि इस समय का चयन दो अहम कारणों से किया गया। पहला, सेना को अपनी तकनीकी क्षमता और खुफिया तंत्र पर इतना भरोसा था कि अंधेरे में भी वह सटीक जानकारी जुटा सकती है। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण नागरिकों की सुरक्षा था। उन्होंने कहा कि तड़के 5:30 से 6 बजे के बीच हमला आसान होता, मगर उस समय अजान और लोगों की आवाजाही शुरू हो जाती, जिससे निर्दोषों के हताहत होने की आशंका रहती। इसलिए ऑपरेशन को रात के अंधेरे में अंजाम दिया गया, ताकि आतंकियों को ही निशाना बनाया जा सके और आम नागरिक सुरक्षित रहें।
सीडीएस ने इस दौरान सेना की कार्यप्रणाली पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेना ही वह संस्था है जहां भाई-भतीजावाद या सिफारिश का कोई स्थान नहीं होता। यहाँ हर जवान की पहचान केवल उसकी काबिलियत और अनुशासन से होती है। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने सेना में शामिल होकर देशसेवा करने का आह्वान किया।
उन्होंने यह भी कहा कि सशस्त्र बलों में अनुशासन और ईमानदारी ही सबसे बड़ी ताकत है, जो इसे अन्य संस्थानों से अलग बनाती है। जनरल चौहान का मानना है कि यदि बच्चे भारत और विश्व को नज़दीक से समझना चाहते हैं, तो उन्हें सशस्त्र बलों का हिस्सा बनने की इच्छा रखनी चाहिए। गौरतलब है कि जनरल चौहान रविवार से रांची में शुरू हो रहे तीन दिवसीय डिफेंस एक्सपो – ईस्ट टेक 2025 में भी भाग लेंगे।
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