बीबीएन,बीकानेर, 13 अगस्त। सीमा पर तैनात साँचू चौकी अब सिर्फ सुरक्षा का प्रतीक नहीं रहेगी, बल्कि बॉर्डर टूरिज्म का नया आकर्षण बनेगी। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बुधवार को ऐलान किया कि साँचू चौकी को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘सीमा दर्शन योजना’ के तहत इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिल चुकी है और शीघ्र ही बजट भी स्वीकृत करवा लिया जाएगा।
मेघवाल साँचू में सीमाजन कल्याण समिति द्वारा निर्मित प्रवेश द्वार के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से इस विषय पर चर्चा हो चुकी है और केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर इसे टूरिज्म हब बनाने के प्रयास में जुटी हैं। उनके अनुसार, बीकानेर जिला, विशेषकर साँचू, भौगोलिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बॉर्डर टूरिज्म के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु जल संधि समाप्त कर दी, जिसके बाद पाकिस्तान जाने वाला पानी अब राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और गुजरात को मिलेगा। इसमें सबसे बड़ा लाभ राजस्थान, विशेषकर खाजूवाला और सीमांत क्षेत्र को होगा। उन्होंने बताया कि सेंट्रल वॉटर कमीशन इस दिशा में लगातार काम कर रहा है।
साँचू क्षेत्र में दुर्लभ गिद्ध (वल्चर) पाए जाने का उल्लेख करते हुए मेघवाल ने कहा कि यहां के प्राकृतिक वनस्पति और जीव-जंतुओं (फ्लोरा-फॉना) को संरक्षित और संवर्धित कर पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। उनका मानना है कि आने वाले समय में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
इस अवसर पर ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष एम.एस. बिट्टा ने देशभक्ति और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से ओतप्रोत संबोधन दिया। कार्यक्रम में संत रामाचार्य महाराज, बीएसएफ के पूर्व आईजी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, डीआईजी अजय लूथरा, सीमाजन कल्याण समिति के पदाधिकारी, जिला उद्योग संघ अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
—


