बीबीएन, नेटवर्क। Indian Army Recruitment 2026: भारतीय सेना में अधिकारी भर्ती की प्रक्रिया को अधिक आधुनिक और प्रतिभा-केंद्रित बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था में JEE, CLAT PG और NEET PG जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों को अलग से लिखित परीक्षा दिए बिना SSB इंटरव्यू के लिए बुलाने की योजना है। इसके साथ ही टेक्निकल एंट्री स्कीम में JEE स्कोर को आधार बनाने और जज एडवोकेट ब्रांच में CLAT PG रैंक के जरिए चयन की व्यवस्था से सेना को योग्य उम्मीदवार मिलने के साथ भर्ती प्रक्रिया का समय और सरकारी खर्च दोनों कम होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय परीक्षाओं के परिणाम बनेंगे सेना भर्ती का आधार
रक्षा मंत्रालय की नई पहल का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग प्रवेश परीक्षाओं को दोहराने के बजाय पहले से आयोजित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के परिणामों का प्रभावी उपयोग करना है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत JEE, CLAT PG और NEET PG जैसी परीक्षाओं में उत्कृष्ट रैंक हासिल करने वाले प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को सेना की ओर से SSB इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जा सकता है। इससे उम्मीदवारों को सेना में अधिकारी बनने के लिए एक अतिरिक्त लिखित परीक्षा से गुजरने की आवश्यकता कम होगी। चयन प्रक्रिया में राष्ट्रीय परीक्षाओं के प्रदर्शन को प्राथमिक आधार बनाकर योग्य प्रतिभाओं तक सीधे पहुंच बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
टेक्निकल एंट्री स्कीम में JEE स्कोर की अहम भूमिका
टेक्निकल एंट्री स्कीम के तहत 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को सेना में प्रवेश के बाद चार वर्ष की इंजीनियरिंग शिक्षा पूरी करनी होती है। नई व्यवस्था में JEE के प्रदर्शन को चयन प्रक्रिया से जोड़ने की योजना है। इसका अर्थ है कि 12वीं के भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के अंकों के साथ JEE स्कोर भी उम्मीदवार की पात्रता और चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों को SSB इंटरव्यू के लिए आगे बढ़ाने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
जज एडवोकेट ब्रांच में CLAT PG रैंक से चयन
कानून स्नातकों के लिए सेना की जज एडवोकेट ब्रांच में भी चयन प्रक्रिया को बदलने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। वर्तमान व्यवस्था में सेना की ओर से परीक्षा आयोजित किए जाने के बजाय CLAT PG में प्राप्त रैंक को चयन का आधार बनाने की योजना है इस बदलाव से देशभर के बेहतर प्रदर्शन करने वाले कानून स्नातकों को सेना में कानूनी अधिकारी के रूप में सेवा का अवसर मिल सकता है।
भर्ती प्रक्रिया में समय और सरकारी खर्च दोनों घटेंगे
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ भर्ती प्रक्रिया की गति और लागत से जुड़ा है। अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परिणाम जारी करने में लगने वाला समय कम हो सकता है। साथ ही, सेना की ओर से अलग लिखित परीक्षाओं पर होने वाला सरकारी खर्च भी घटने की संभावना है। उम्मीदवारों के लिए भी अलग परीक्षा फॉर्म, अतिरिक्त परीक्षा शुल्क और एक और चयन चरण का बोझ कम हो सकता है।
प्रतिभाशाली युवाओं के लिए बढ़ेंगे अवसर
राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बेहतर रैंक हासिल करने वाले युवाओं को सेना में अधिकारी बनने का सीधा अवसर मिलने से प्रतिभा का दायरा व्यापक हो सकता है। इससे सेना को विभिन्न क्षेत्रों में पहले से उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके उम्मीदवारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इस पहल का व्यापक उद्देश्य सेना की अधिकारी भर्ती को अधिक तेज, आधुनिक और योग्यता-आधारित बनाना है। हालांकि, अंतिम नियम, पात्रता और चयन प्रक्रिया से जुड़ी आधिकारिक जानकारी संबंधित अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।




