बीबीएन, बीकानेर। सर्दी ओर धुंध की दस्तक के साथ ही सरहदी क्षेत्रों में यहां बीएसएफ ने अपनी ग़श्त बढ़ा दी है,दूसरी ओर सीमा पार से नापाक हरकतों की आहट भी शुरू हो गई है। सरहद से यहां धुंध ओर कोहरे का फायदा उठाने के लिए तस्करों का नेटवर्क एक्टिव हो गया है वहीं दुश्मन घुसपैठ के इरादों को अमली जामा पहनाने की फिराक में है इसके चलते ड्रोन की मार्फ़त सरहद की जासूसी के लिए कुप्रयास शुरू हो गए हैं।
रविवार को जैसलमेर जिले के भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में एक बार फिर संदिग्ध ड्रोन मिलने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता गहरा गई है। रविवार सुबह सम थाना क्षेत्र के लखमनियों की बस्ती के पास ग्रामीणों को झाड़ियों में एक काले रंग का बड़ा क्वाड-कॉप्टर ड्रोन गिरा मिला। ग्रामीणों ने इसकी हाई-पावर बैटरी और भारी बनावट देखकर तुरंत पुलिस और BSF को सूचना दे दी।
सूचना मिलते ही BSF और पुलिस टीम मौके पर पहुंचीं और पूरे क्षेत्र को घेराबंद कर लिया। ड्रोन पर कोई ब्रांडिंग, सीरियल नंबर या कैमरा मॉड्यूल नहीं मिला, जिससे इसकी संदिग्धता और बढ़ गई है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि ड्रोन में लगी क्षमता वाली बैटरी लंबी दूरी तक उड़ान की संभावना दर्शाती है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रोन सीमा पार से आया या किसी स्थानीय नेटवर्क की गतिविधि का हिस्सा था।
तकनीकी जांच जारी
जांच दल ड्रोन के पार्ट्स, बैटरी, सर्किट और तकनीकी स्पेसिफिकेशन की गहराई से जांच कर रहा है। विशेषज्ञ यह सत्यापित करने में लगे हैं कि क्या इसमें GPS मॉड्यूल, किसी प्रकार का डेटा ट्रांसमिशन सिस्टम या कैमरा सक्रिय था। शुरुआती संकेत बताते हैं कि ड्रोन की क्षमता सामान्य क्वाड-कॉप्टर से कहीं अधिक है।
पहले भी मिला था ड्रोन
20 नवंबर को रामगढ़ क्षेत्र में भी ऐसा ही संदिग्ध ड्रोन मिला था, जिसके बाद सीमा पर निगरानी बढ़ाई गई थी। लगातार दो घटनाओं ने अब सुरक्षा एजेंसियों की चिंताओं को और गहरा कर दिया है।



