बीबीएन, नेटवर्क | पूर्व सैनिकों के कल्याण और पुनर्वास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए असम राइफल्स ने राजस्थान के सीकर निवासी दिव्यांग पूर्व सैनिक राइफलमैन राजपाल (सेवानिवृत्त) को विशेष रूप से तैयार की गई स्कूटी उपलब्ध कराई है। इससे पहले उनकी विशेष आवश्यकता वाली बेटी को व्हीलचेयर भी प्रदान की गई थी। खास बात यह है कि जयपुर में आयोजित पूर्व सैनिक रैली के दौरान उठाई गई जरूरत पर महज एक महीने के भीतर कार्रवाई करते हुए असम राइफल्स ने यह सहायता उनके घर तक पहुंचाई। यह पहल न केवल पूर्व सैनिक कल्याण की मिसाल बनी है, बल्कि दिव्यांग सैनिकों के पुनर्वास और सामाजिक समावेशन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
असम राइफल्स के अनुसार, 10 मई 2026 को जयपुर में आयोजित पूर्व सैनिक रैली में राइफलमैन राजपाल ने अतिरिक्त महानिदेशक असम राइफल्स मेजर जनरल जय सिंह बैंसला, एसएम से मुलाकात कर अपनी दिव्यांगता के कारण होने वाली आवाजाही संबंधी समस्याओं की जानकारी दी थी। उनकी स्थिति को देखते हुए संगठन ने तत्काल पहल शुरू की और विशेष रूप से मॉडिफाइड स्कूटी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। शुक्रवार को यह स्कूटी सीकर स्थित उनके निवास पर पहुंचाकर उन्हें सौंपी गई। इस स्कूटी की मदद से राजपाल अब दैनिक कार्यों, सामाजिक गतिविधियों और आवश्यक आवागमन को पहले की तुलना में अधिक सहजता से कर सकेंगे।
बेटी को भी मिली सहायता
पूर्व सैनिक रैली के दौरान ही राजपाल की विशेष आवश्यकता वाली बेटी की जरूरत को देखते हुए उसे व्हीलचेयर भी उपलब्ध कराई गई थी। रक्षा अधिकारियों का कहना है कि पूर्व सैनिकों के साथ-साथ उनके परिवारों की आवश्यकताओं को पूरा करना भी संगठन की प्राथमिकता का हिस्सा है।
पूर्व सैनिकों के लिए बढ़ रही कल्याणकारी पहलें
देशभर में लाखों पूर्व सैनिक और उनके आश्रित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। हाल के वर्षों में रक्षा बलों ने चिकित्सा सहायता, पुनर्वास, कौशल विकास, पेंशन सेवाओं और दिव्यांग सैनिकों के लिए विशेष उपकरण उपलब्ध कराने जैसी योजनाओं पर विशेष जोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहलें पूर्व सैनिकों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके जीवन की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
भविष्य में और मजबूत हो सकता है सपोर्ट सिस्टम
रक्षा मामलों के जानकारों के अनुसार, तकनीक आधारित सहायक उपकरणों और व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने की ऐसी पहलें भविष्य में पूर्व सैनिक कल्याण मॉडल का अहम हिस्सा बन सकती हैं। इससे दिव्यांग पूर्व सैनिकों की गतिशीलता बढ़ेगी और वे सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भागीदारी कर सकेंगे। राइफलमैन राजपाल ने सहायता के लिए असम राइफल्स और मेजर जनरल जय सिंह बैंसला का आभार जताते हुए कहा कि समय पर मिली मदद उनके जीवन को अधिक सुगम बनाएगी। अधिकारियों ने कहा कि संगठन अपने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सम्मान, सहयोग और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।



