बीबीएन,बीकानेर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रविवार को बीकानेर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगलकिशोर विश्नोई और उनके रिश्तेदार स्वतंत्र ज्यानी को कथित रिश्वतखोरी के मामले में हिरासत में लिया है एसीबी ने इस कार्रवाई के दौरान 1 करोड़ 30 लाख रुपए से अधिक की नकदी जब्त की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गुजरात की एक निजी कंपनी को राजस्थान में सरकारी प्रतिबंधों से राहत दिलाने की एवज में 1 करोड़ 20 लाख रुपए की रिश्वत का लेनदेन किया गया था। डीजी एसीबी गोविंद गुप्ता के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई ने प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
बस में ले जाई जा रही थी नकदी, लूणकरणसर के पास दबिश
सूत्रों के अनुसार एसीबी को गोपनीय सूचना मिली थी कि रिश्वत की बड़ी राशि बीकानेर से श्रीगंगानगर शिफ्ट की जा रही है। सूचना के आधार पर एसीबी की टीम ने लूणकरणसर के निकट एक निजी बस को रुकवाकर तलाशी ली। जांच के दौरान बस में सवार स्वतंत्र ज्यानी के कब्जे से 85 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
पूछताछ के बाद खुली परतें, डायरेक्टर के ठिकानों पर छापा
स्वतंत्र ज्यानी से मिली जानकारी के आधार पर एसीबी ने राज्य बीज निगम के डायरेक्टर जुगलकिशोर विश्नोई के ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान 45 लाख रुपए अतिरिक्त नकद बरामद हुए। इस तरह कुल बरामदगी 1.30 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच गई। एसीबी की टीम अब जब्त नकदी के स्रोत, लेनदेन की प्रकृति और कथित रिश्वत नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है।
सरकारी प्रतिबंधों में राहत दिलाने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार मामला गुजरात की एक निजी कंपनी से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि कंपनी को राजस्थान में लागू कुछ सरकारी प्रतिबंधों और प्रशासनिक अड़चनों से राहत दिलाने के लिए प्रभाव का इस्तेमाल किया गया और इसके बदले बड़ी रिश्वत ली गई। हालांकि एसीबी अभी पूरे प्रकरण की वित्तीय और प्रशासनिक कड़ियों की जांच कर रही है।
प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संकेत
पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में एसीबी ने कई बड़े ट्रैप और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में कार्रवाई की है। विशेषज्ञों का मानना है कि करोड़ों रुपए की नकद बरामदगी वाला यह मामला न केवल सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी तंत्र पहले की तुलना में अधिक सक्रिय हुआ है।
जांच का दायरा बढ़ सकता है
एएसपी आशीष कुमार और सीआई इंद्रकुमार के नेतृत्व में जांच जारी है। एसीबी अब मोबाइल रिकॉर्ड, बैंकिंग ट्रेल, वित्तीय दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। यदि रिश्वत राशि के स्रोत और लाभार्थियों की पुष्टि होती है तो मामला और व्यापक रूप ले सकता है।





