बीबीएन,बीकानेर | अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव 2026 की शुरुआत बीकानेर में एक भव्य और सांस्कृतिक हेरिटेज वॉक के साथ हुई। नगर सेठ लक्ष्मीनाथ मंदिर से ऐतिहासिक रामपुरिया हवेलियों तक आयोजित इस वॉक में लोक कला, पारंपरिक व्यंजन, स्थापत्य सौंदर्य और जनभागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास ने किया। तीन दिन तक चलने वाले इस उत्सव से बीकानेर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हेरिटेज वॉक में देश-विदेश से आए पर्यटकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने एक साथ भाग लेकर बीकानेर की सांस्कृतिक आत्मा को करीब से महसूस किया। आयोजन का उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना बल्कि ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का संदेश देना भी रहा।
हवेलियों के संरक्षण का भरोसा
कार्यक्रम के दौरान अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि बीकानेर की ऐतिहासिक हवेलियां इसकी पहचान हैं और इनके संरक्षण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिए कि भविष्य में केंद्र सरकार के स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियों और कलाकारों को और अधिक सहयोग दिया जाएगा, जिससे स्थानीय विरासत को वैश्विक मंच मिल सके।
संस्कृति और व्यापार—दोनों को लाभ
विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि हेरिटेज वॉक जैसे आयोजन बीकानेर की लोक परंपराओं, स्थापत्य कला और खानपान को दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम बन रहे हैं। इससे स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और पर्यटन उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा।
पगड़ियों और मूंछों ने खींचा ध्यान
वॉक के दौरान विशाल पगड़ियां और लंबी मूंछें आकर्षण का केंद्र रहीं। लोक कलाकारों की अनूठी वेशभूषा और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने सैलानियों को रोमांचित कर दिया। बीकानेरी घेवर, भुजिया, जलेबी और कचौड़ी के लाइव प्रदर्शन ने स्वाद और संस्कृति को एक सूत्र में बांध दिया।
रामपुरिया हवेलियों में सांस्कृतिक समापन
हेरिटेज वॉक का समापन रामपुरिया हवेलियों में हुआ, जहां हवेली संगीत और लोक नृत्य की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बना दिया। सजे हुए मार्गों, फूलों की वर्षा और स्थानीय लोगों के आत्मीय स्वागत ने बीकानेर की मेहमाननवाजी को खास बना दिया।







