नरेंद्र आर्य.
बीबीएन, बीकानेर। ब्यास सतलुज और रावी नदियों पर बने प्रमुख बांधों तथा हरिके हेडवर्क्स की 15 मई सुबह 6 बजे की ताजा जलस्तर रिपोर्ट जारी कर दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार भाखड़ा डैम, पौंग डैम और रणजीत सागर डैम में जलस्तर स्थिर बना हुआ है, जबकि कई स्थानों पर आउटफ्लो इनफ्लो से अधिक दर्ज किया गया। हरिके हेडवर्क्स से राजस्थान फीडर और फिरोजपुर फीडर में नियमित जल आपूर्ति जारी है। राजस्थान फीडर में 5700 क्यूसेक और फिरोजपुर फीडर में 8435 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
ब्यास नदी पर बने महाराणा प्रताप सागर (पौंग डैम) का जलस्तर 1332.90 फीट दर्ज किया गया। डैम में 2516 क्यूसेक पानी की आवक हुई, जबकि 5031 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे स्पष्ट है कि जल निकासी आवक से अधिक बनी हुई है। सतलुज नदी पर स्थित भाखड़ा डैम का जलस्तर 1556.08 फीट रिकॉर्ड किया गया। यहां 11101 क्यूसेक पानी की आवक हुई, जबकि 17216 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रवाह सिंचाई और जल प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रावी नदी पर बने रणजीत सागर डैम (थीन डैम) का जलस्तर 517.440 मीटर यानी 1697.63 फीट दर्ज हुआ। डैम में 6219 क्यूसेक पानी की आवक हुई और 7083 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पिछले 24 घंटे में रावी से ब्यास नदी की ओर औसतन 5600 क्यूसेक पानी डायवर्ट किया गया।
हरिके हेडवर्क्स की रिपोर्ट के अनुसार पोंड एलिवेशन 690.90 फीट दर्ज किया गया। यहां अपस्ट्रीम में 14345 क्यूसेक जल प्रवाह रिकॉर्ड हुआ। फिरोजपुर फीडर में 8435 क्यूसेक, राजस्थान फीडर में 5700 क्यूसेक और मखू नहर में 210 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। डाउन स्ट्रीम में किसी प्रकार का जल प्रवाह दर्ज नहीं हुआ।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान स्थिति नियंत्रण में है और सिंचाई तंत्र के अनुसार जल वितरण नियमित रूप से किया जा रहा है। उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए यह जल प्रवाह कृषि और पेयजल आपूर्ति की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।



