बीबीएन, नेटवर्क| साइबर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े हैं। इस गिरोह ने जयपुर निवासी दिनेश चंद्र गुप्ता को अपना निशाना बनाकर 43.5 लाख रुपये की चपत लगाई थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य सरगना मोहम्मद अमजद सहित चार आरोपियों को मध्यप्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि ठगी गई रकम को भारत से दुबई भेजा जा रहा था और पूरा नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे मास्टरमाइंड द्वारा व्हाट्सएप के जरिए संचालित किया जा रहा था।
पाकिस्तान से हो रहा था ‘ऑपरेशन ठगी’
कोटा साइबर पुलिस के अनुसार, इस पूरे गिरोह की कमान सीमा पार पाकिस्तान में बैठे एक अज्ञात मास्टरमाइंड के हाथों में थी। गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अमजद उर्फ आर्यन लगातार व्हाट्सएप कॉल और एन्क्रिप्टेड चैट के माध्यम से सरगना के संपर्क में था। पाकिस्तान में बैठा मास्टरमाइंड ही ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने और उसे दुबई भेजने के निर्देश देता था।
100 से ज्यादा फर्जी खातों का इस्तेमाल
गिरोह ने अपनी काली कमाई को खपाने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया था। पकड़े गए अन्य तीन आरोपियों राहुल पूर्वी, दीपक पूर्वी और विजय कुमार ने अपने और परिचितों के नाम पर 100 से अधिक बैंक खाते खुलवा रखे थे। इन खातों को सक्रिय रखने के लिए प्रति खाता 7,000 रुपये का भुगतान किया जाता था। इनमें कई खाते महिलाओं के नाम पर भी थे, ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके।
बरामदगी और पुलिस कार्रवाई
पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों के पास से 7 मोबाइल, 1 लैपटॉप, 29 एटीएम कार्ड, 13 पासबुक और 10 चेकबुक जब्त की गई हैं। साथ ही, 2 लाख रुपये की नकदी भी बरामद हुई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब तक पीड़ित के 8.05 लाख रुपये खाते में वापस करवा दिए हैं और 1.75 लाख रुपये को होल्ड कराया है। जब्त डिजिटल उपकरणों में करोड़ों रुपये के अवैध ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।



