बीबीएन, बीकानेर। महाजन फिल्ड फायरिंग रेंज में पिछले एक पखवाड़े से चल रहे यूके- भारत के संयुक्त युद्ध अभ्यास के समापन अवसर पर रविवार को सेना के जवानों ने ड्रोन-रोबोटिक ड्रिल का प्रदर्शन किया ।
इस ड्रिल में एक गांव (चिड़ासर) में छिपे चार आतंकियों को ढेर करने के लिए सेना ने हाई-इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन चलाया। ऑपरेशन के तहत् आतंकियों ने गांव के तीन घरों में चोरी छुपे पनाह ले ली थी। सेना की इंटेलिजेंस यूनिट को इसकी भनक लगते ही तुरंत इलाके में ड्रोन के जरिए रेकी शुरू की गई और संदिग्ध घरों की सटीक लोकेशन की पहचान की गई।
सूचना की पुष्टि होते ही सेना के विशेष दल ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया। जोखिम को देखते हुए जवानों ने रोबोटिक यंत्र की मदद से संदिग्ध इलाकों में मौजूद माइनिंग को नियंत्रित तरीके से ब्लास्ट कर निष्क्रिय किया। इसके बाद शुरू हुई गोलीबारी में तीन आतंकियों को मौके पर ही मार गिराया गया।
इस दौरान एक आतंकी मौके का फायदा उठाकर गाड़ी की मार्फ़त भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन ड्रोन की लाइव ट्रैकिंग से उसकी लोकेशन मिलते ही सेना ने टारगेटेड ड्रोन स्ट्राइक कर उसे भी ढेर कर दिया।
मुठभेड़ के दौरान एक स्थानीय नागरिक गोलीबारी में घायल हो गया। सेना ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए उसे हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर नजदीकी सैन्य अस्पताल पहुंचाया। सेना ने पूरे इलाके की सर्चिंग शुरू कर दी ।
⭕ 240 जवानों ने दिखाया युद्धकौशल , आतंकवाद-रोधी अभियानों पर रहा फोकस
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और यूनाइटेड किंगडम की सेनाओं के बीच आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अजेय वॉरियर-25’ रविवार को सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। पंद्रह दिनों तक चले इस अभ्यास में दोनों देशों के 240 चयनित सैनिकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियान, हेलिबोर्न ऑपरेशन, रूम-इंटरवेंशन, कॉर्डन-एंड-सर्च, तथा संयुक्त ऑपरेशनल योजना की दक्षता को मजबूत करना रहा।
ऑपरेशनल क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन
भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट तथा यूके की रॉयल गोरखा रेजिमेंट के जवानों ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान बेहतरीन तालमेल प्रदर्शित किया। वेलिडेशन फेज में दोनों टुकड़ियों द्वारा की गई सामरिक कार्रवाई ने यह स्पष्ट किया कि दोनों सेनाएं जटिल परिस्थितियों में भी प्रभावी और समन्वित ढंग से काम करने में सक्षम हैं।
स्वदेशी हत्यारों की प्रदर्शनी लगाई
अभ्यास के समापन अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सैनिकों के सम्मान ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। समारोह में स्वदेशी हथियार प्रणालियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने भारत की बढ़ती आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को रेखांकित किया।
रक्षा साझेदारी को मिली नई गति
‘अजेय वॉरियर-25’ ने भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा सहयोग के नए आयाम स्थापित किए हैं। अभ्यास ने दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी विश्वास, रणनीतिक सामंजस्य और वैश्विक शांति के प्रति साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।
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