🔴आतंकियों की साजिश नाकाम, राजस्थान-गुजरात में अलर्ट
बीबीएन, बीकानेर। गुजरात एटीएस ने एक बड़ी आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए आईएसआईएस से जुड़े जिन तीन आतंकवादियों को पिछले दिनों गिरफ्तार किया, उनसे सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। पूछताछ में सामने आया है कि आतंकियों को पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार सप्लाई किए गए थे, जिनकी लैंडिंग राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में कराई गई थी। इन हथियारों के साथ आरोपी गुजरात पहुंचे और देश के कई हिस्सों में हमले की योजना बना रहे थे।
गुजरात एटीएस ने जिन तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है, उनमें डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद (35) निवासी हैदराबाद, आजाद सुलेमान शेख (20) निवासी शामली (उत्तर प्रदेश) और मोहम्मद सुहैल उर्फ सलीम खान (23) निवासी लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। जांच में पुष्टि हुई है कि तीनों आईएसआईएस के अलग-अलग मॉड्यूल से जुड़े हुए थे। पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि आतंकियों ने पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये आए हथियार राजस्थान के हनुमानगढ़ में रिसीव किए और बाद में गुजरात के अडालज इलाके में छिपे रहे। सूत्रों के अनुसार, उनका मकसद देश के कई राज्यों में एक साथ हमले करना था।
हनुमानगढ़ कनेक्शन सामने आने के बाद राजस्थान एटीएस भी सक्रिय हो गई है। राजस्थान एटीएस के आईजी विकास कुमार ने बताया कि जांच दल गुजरात भेजा गया है ताकि गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ कर राज्य में संभावित स्लीपर सेल और हथियार सप्लाई चैन की जानकारी जुटाई जा सके। गुजरात एटीएस को आतंकियों के पास से दो ग्लॉक पिस्तौल, एक बेरेटा पिस्तौल और 30 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। साथ ही 4 लीटर अरंडी का तेल भी मिला है, जिसे ‘राइसिन’ नामक घातक जैविक जहर तैयार करने में प्रयोग किया जाता है। डॉ. सैयद कथित तौर पर रासायनिक प्रयोगों के जरिये यह विष बनाने की कोशिश कर रहा था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सैयद पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स से एन्क्रिप्टेड एप के जरिये संपर्क में था। बरामद मोबाइल और लैपटॉप से पाकिस्तान और मध्य एशियाई देशों के कई संदिग्ध नंबर मिले हैं। राजस्थान एटीएस अब यह जांच कर रही है कि हनुमानगढ़ या आसपास के इलाकों में स्थानीय नेटवर्क इस ड्रोन ऑपरेशन में शामिल था या नहीं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान सीमा के करीब होने के कारण इस इलाके को हथियार गिराने के लिए चुना गया।
इस खुलासे के बाद राजस्थान, गुजरात, पंजाब और हरियाणा में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और धार्मिक स्थलों, औद्योगिक इकाइयों तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।



