बीबीएन, नेटवर्क | श्रीनगर में वीज़ा नियमों के उल्लंघन और लद्दाख-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में बिना अनुमति घूमने के आरोप में पकड़े गए चीनी नागरिक हु कॉन्गताई से सुरक्षा एजेंसियां लगातार पूछताछ कर रही हैं। फिलहाल उसे श्रीनगर एयरपोर्ट के पास हमहामा पुलिस पोस्ट में रखा गया है, जहां उसकी डिजिटल गतिविधियों, ब्राउज़िंग हिस्ट्री और संभावित मंशा की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, उसके मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं उसने किसी भी प्रकार की संवेदनशील जानकारी साझा तो नहीं की।
जांच में पता चला है कि आरोपी ने विदेशी पंजीकरण कार्यालय (FRRO) में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराए बिना लेह, जंस्कार, कुपवाड़ा और घाटी के कई प्रतिबंधित क्षेत्रों का दौरा किया। उसका वीजा केवल बौद्ध धार्मिक स्थलों वाराणसी, आगरा, दिल्ली, जयपुर, गया और कुशीनगर तक सीमित था, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार सैन्य और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचता रहा।
पूछताछ के दौरान उसने दावा किया कि वह वीजा नियमों के उल्लंघन से अनजान था और स्वयं को “ट्रैवल इंजीनियर” बताता रहा। उसके पासपोर्ट में अमेरिका, न्यूजीलैंड, ब्राज़ील, फिज़ी और हांगकांग जैसे देशों की यात्रा का रिकॉर्ड मिला है। जांच एजेंसियों को उसके फोन में CRPF की तैनाती, अनुच्छेद 370 और सुरक्षा संबंधी विषयों की ऑनलाइन शोध भी मिली है।
भारत पहुंचते ही उसने खुले बाजार से भारतीय सिम कार्ड भी खरीदा, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद उसके इरादों और गतिविधियों को लेकर और कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
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