बीबीएन, नेटवर्क। भारतीय थल सेना और वायु सेना ने असाधारण संयुक्तता और परिचालनिक कौशल का प्रदर्शन करते हुए सदर्न कमांड के अधीन त्रि-सेवा एकीकृत अभ्यास ‘त्रिशूल’ के भाग के रूप में ‘मरुज्वाला’ नामक एयरबोर्न (हवाई) अभ्यास को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह अभ्यास सुदर्शन चक्र कोर के अभियानों के समर्थन में आयोजित किया गया, जिसमें मिशन-तत्पर समन्वय और सटीकता का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, एवीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, सदर्न कमांड उपस्थित रहे। उन्होंने अभ्यास के दौरान दिखाई गई उच्च स्तरीय परिचालनिक तैयारी और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि यह भारतीय सेनाओं की उत्कृष्ट सामरिक क्षमता का प्रमाण है।
‘मरुज्वाला’ अभ्यास ने एक बार फिर यह साबित किया कि भारतीय सशस्त्र सेनाएँ किसी भी जटिल हवाई अभियान को योजनाबद्ध ढंग से अंजाम देने में सक्षम हैं।
थल और वायु सेना के बीच तालमेल ने यह स्पष्ट किया कि भारत की सैन्य शक्ति न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि हर परिस्थिति में कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार भी है।
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