⭕ चंडीगढ़ शूटआउट ने खोला गैंगों की अंदरूनी टूट का नया पन्ना
बलजीत गिल.
बीबीएन, नेटवर्क | लॉरेंस विश्नोई ओर गोल्डी बराड़ गुट में बड़ी गैंगवॉर की वारदात होने का अंदेशा जताया जा रहा है। कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ के वायरल करीब 5 मिनट के वायरल ओडियो ने सुरक्षा एजेंसियां को अलर्ट मोड़ पर ला दिया है। राजस्थान पंजाब ,हरियाणा ओर गुजरात की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
गोल्डी बराड़ का वायरल ऑडियो
जानकारी के मुताबिक चंडीगढ़ में गैंगस्टर इंद्रप्रीत पेरी की हत्या के बाद पंजाब-हरियाणा क्षेत्र में गैंगवॉर की आग फिर भड़क उठी है। घटना के बाद गोल्डी बराड़ ने एक 5 मिनट के वॉयस मैसेज के जरिए लॉरेंस विश्नोई पर सीधे-सीधे ‘साजिश के तहत हत्या’ करवाने का आरोप लगाया है। गोल्डी का दावा है कि लॉरेंस ने पेरी को फोन पर बहाने से किसी तीसरे व्यक्ति के पास भेजा, जहां पहले से तैनात गुर्गों ने उसे गोली मारकर खत्म कर दिया।
पेरी वही शख्स था जो लंबे समय से लॉरेंस और गोल्डी के बीच कड़ी और संदेशवाहक बना हुआ था, लेकिन दोनों गुटों के बीच बढ़ती खाई के बीच उसकी भूमिका विवाद का कारण बन गई। सीपा की दुबई में हुई हत्या, अनमोल विश्नोई के प्रत्यर्पण और लगातार अंदरूनी आरोपों ने दोनों गैंगों के संबंधों को पूरी तरह तोड़ दिया।
पेरी पर पहले भी कई गंभीर केस दर्ज थे और वह डीएवी कॉलेज से लॉरेंस का पुराना साथी माना जाता था। उसकी हत्या ने सोशल मीडिया से लेकर गैंगों के नेटवर्क तक नई धमकियों और आरोपों का दौर शुरू कर दिया है।
कौन था इंद्रप्रीत पेरी?
इंद्रप्रीत पेरी लंबे समय तक गोल्डी बराड़ और लॉरेंस विश्नोई के बीच संदेश पहुंचाने और बातचीत का सेतु रहा। गैंगवॉर और आपसी तनाव बढ़ने पर उसने कई बार दोनों पक्षों में सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन परिस्थितियां लगातार बिगड़ती गईं। सूत्रों का कहना है कि जेल जाने से पहले लॉरेंस कई बार पेरी के घर में शरण भी ले चुका है।
पेरी पर हत्या, हत्या की साजिश, रंगदारी, हथियार सप्लाई जैसे 12 से अधिक मामले दर्ज थे। 19 अक्टूबर को ही उसकी शादी हुई थी और सिर्फ सात दिन बाद उसे सेक्टर-26 चंडीगढ़ में 5 गोलियां मारकर मौत के घाट उतारा गया।
सीपा की हत्या और नए तनाव की वजह
दुबई में सीपा की हत्या के बाद हालात और खराब हो गए। गोल्डी बराड़ का आरोप है कि सीपा ‘गैंग के नाम पर अकेली वसूली’ कर रहा था और पुलिस से मिलीभगत के चलते समूह के कई लोगों की गिरफ्तारी करवा चुका था। इसी बदले की कड़ी के बाद चंडीगढ़ में पेरी की हत्या होने की बात सामने आ रही है। विश्नोई और गोल्डी गुटों के बीच लंबे समय से तनाव जारी है और पेरी की मौत ने इस टकराव को नया मोड़ दे दिया है।
कहां पहुंची जांच?
स्थानीय पुलिस और विशेष एजेंसियां दोनों गुटों की गतिविधियों की निगरानी बढ़ा चुकी हैं। पुलिस तकनीकी जांच, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन डेटा खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस हत्याकांड ने दोनों राज्यों में सक्रिय गैंग नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जरूरत को फिर रेखांकित किया है।




