बीबीएन, नेटवर्क । सूबे में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप देने के लिए शुरू किए गए आईएचएमएस (Integrated Health Management System) फार्मेसी मॉड्यूल को समय पर लागू न करने वाले 19 जिलों पर अब राज्य स्तर पर सख्ती शुरू हो गई है। विभागीय समीक्षा में सामने आया कि कई जिलों ने 13 नवंबर 2025 की अंतिम तिथि बीत जाने के बावजूद मॉड्यूल को सक्रिय नहीं किया, जिसके कारण रिपोर्टिंग सिस्टम प्रभावित, दवा प्रबंधन बाधित और पारदर्शिता प्रक्रिया धीमी हो रही है।
एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) ने इन जिलों के सीएमएचओ को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि समयबद्ध कार्यान्वयन न होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।
🔻 जिन 19 जिलों को नोटिस भेजा गया
जयपुर, दौसा, भरतपुर, चुरू, जोधपुर, अलवर, सीकर, बारां, उदयपुर समेत 19 जिले सूची में शामिल हैं।
🔻 तकनीकी चुनौतियों के दावे, विभाग ने नकारे
विभागीय सूत्रों के अनुसार कुछ जिलों ने नेटवर्क बाधाओं, तकनीकी गड़बड़ियों और स्टाफ प्रशिक्षण की देरी को कारण बताया, लेकिन विभाग ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा है कि मॉड्यूल संचालन हेतु प्रशिक्षण महीनों पहले पूरा कराया जा चुका है। तकनीकी सहायता भी समय पर उपलब्ध थी, इसके बावजूद सिस्टम सक्रिय नहीं किया गया।
🔻 मॉड्यूल लागू होने से क्या बदलेगा?
आईएचएमएस फार्मेसी मॉड्यूल के सक्रिय होने पर दवाओं की उपलब्धता पर रियल टाइम डेटा मिलेगा, फर्जी खरीद, ग़लत वितरण और हेराफेरी पर अंकुश लगेगा, अस्पताल-स्तर पर पारदर्शी स्टॉक मॉनिटरिंग संभव होगी, मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराना आसान होगा। यह मॉड्यूल प्रदेश की दवा आपूर्ति प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और जवाबदेह बनाने का महत्वपूर्ण साधन माना जाता है।
🔻 अब क्या होगा?
नोटिस के बाद संबंधित जिलों में मॉड्यूल सक्रिय करने की प्रक्रिया तेजी पकड़ने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग आने वाले दिनों में दूसरी समीक्षा बैठक कर प्रगति का आकलन करेगा। यदि जवाब संतोषजनक न मिला तो संबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही तय मानी जा रही है।
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