🔴 “असंगठित क्षेत्र के कमजोर होने से बढ़ रही बेरोजगारी
बीबीएन,बीकानेर। देश में लगातार बढ़ती बेरोजगारी का मूल कारण असंगठित क्षेत्रों का कमजोर पड़ना है। यह विचार प्रख्यात अर्थशास्त्री एवं विचारक प्रो. अरुण कुमार ने डॉ. छगन मोहता स्मृति व्याख्यान माला के तहत बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। प्रो. कुमार ने कहा कि महिलाओं और शिक्षित युवाओं में बेरोजगारी की दर सबसे अधिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में बेरोजगारी के तीन रूप हैं, काम ढूंढना, काम का बंद हो जाना और एक व्यक्ति की आय पर पूरे परिवार का निर्भर रहना।
अर्थशास्त्री ने कहा कि देश की आर्थिक नीतियां मुख्यतः संगठित क्षेत्र के विकास पर केंद्रित हैं, जिससे असंगठित क्षेत्र पिछड़ता जा रहा है, जबकि सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र असंगठित ही है। उन्होंने कहा कि तकनीकीकरण और स्वचालन के कारण मानवीय श्रम और सृजन खत्म होते जा रहे हैं, जिससे आर्थिक असमानता और वर्ग विभाजन बढ़ रहा है।
प्रो. कुमार ने वर्ल्ड बैंक की नीतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), काले धन, कमजोर शिक्षा व्यवस्था और बाजारवादी पूंजीवाद के प्रभावों पर चर्चा करते हुए कहा कि पूंजीवाद “पहले रियायती रूप में आता है और फिर बाजार एवं उत्पादन पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लेता है।” उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक नीतियों में वर्कर को “लीविंग वेज” (जीविकोपार्जन योग्य वेतन) सुनिश्चित करना चाहिए, जिससे मांग, उत्पादन और लघु उद्योगों को भी बल मिलेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कवि-चिंतक डॉ. नंदकिशोर आचार्य ने कहा कि अर्थव्यवस्था के तीन मूल आधार प्रयोजन, प्रक्रिया और परिणाम तभी सार्थक हैं जब वे रोजगार और समान अवसर सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पूंजीवादी व्यवस्था बेरोजगारी को बनाए रखना चाहती है ताकि श्रम सस्ता रहे। डॉ. आचार्य ने तकनीकीकरण को “इंद्रियों का विस्तार” बताते हुए चेताया कि तकनीक का अंधाधुंध उपयोग समाज के मानवीय भविष्य के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने गांधी और लोहिया के विचारों का हवाला देते हुए “अहिंसक अर्थव्यवस्था” की अवधारणा को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में समिति अध्यक्ष डॉ. ओम कुवेरा ने डॉ. छगन मोहता के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। संस्था के संयुक्त सचिव डॉ. ब्रजरतन जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि कोषाध्यक्ष एडवोकेट गिरीराज मोहता ने आभार व्यक्त किया।
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